गुना जिले में लंबे समय से बंद पड़ी नारायणपुरा शक्कर फैक्ट्री को दोबारा शुरू कराने और किसानों के बकाए का भुगतान कराने की मांग को लेकर स्थानीय अन्नदाताओं ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में 'नारायणपुरा शक्कर कारखाना चालू करो संघर्ष समिति' के बैनर तले किसानों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया।
शास्त्री पार्क से निकाली गई विरोध रैली
आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में किसान सबसे पहले स्थानीय शास्त्री पार्क में एकत्र हुए। यहां सभा के बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों जैसे लक्ष्मीगंज, सदर बाजार, निचला बाजार, हाय रोड और हनुमान चौराहा से होते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुँची, जहाँ प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया।
आठ साल से ठप है कारखाने का संचालन
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि यह शक्कर कारखाना पिछले आठ वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ा है। वर्ष 2000 में शुरू हुआ यह प्लांट 2017 में अचानक घाटे का हवाला देकर बंद कर दिया गया था। इसके चालू रहने के दिनों में न केवल गन्ने की खेती करने वाले किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता था, बल्कि सैकड़ों स्थायी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिला हुआ था।
कारखाना बंद होने के बाद से ही इस क्षेत्र के किसानों और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। वे लगातार इसे दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं। इससे पहले भी महापंचायत और बाइक रैलियों के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।
बकाया भुगतान और सुरक्षा की उठी मांग
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कारखाना शुरू नहीं किया गया और किसानों तथा कर्मचारियों के बकाए की राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा, बंद पड़े कारखाने के परिसर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और वहां पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने की भी पुरजोर मांग उठाई गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!