शहर में बिजली सुधार कार्य के नाम पर घंटों रहा ब्लैकआउट

गुना के गोकुल सिंह चक स्थित सब स्टेशन पर अधिक क्षमता वाली नई बिजली लाइन लगाने के लिए गुरुवार को पूरे शहर में शटडाउन लिया गया था। निर्धारित योजना के अनुसार सिटी क्षेत्र में दोपहर 3 बजे और कैंट इलाके में शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रखी जानी थी।

ट्रांसमिशन कंपनी ने तय समय यानी दोपहर 3:32 बजे ही कैंट और सिटी के सभी फीडरों पर बिजली बहाल कर दी थी। इसके बावजूद शहर के अधिकांश हिस्सों में शाम 6 बजे तक बिजली नहीं पहुंची, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

वितरण कंपनी की लेटती से बिगड़े हालात

फीडरों से घरों, दुकानों और संस्थानों तक बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी वितरण कंपनी की होती है, लेकिन कंपनी ने समय पर आपूर्ति शुरू नहीं की। इस लचर व्यवस्था के कारण शहर की जनता को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ा।

बिजली गुल रहने का सबसे बुरा असर जिला अस्पताल के पुराने भवन पर पड़ा, जो सुबह 9 बजे से लेकर शाम तक पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहा। इस ब्लॉक में एक्सरे, सीटी स्कैन और सोनोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण जांचें होती हैं।

सोलर प्लांट और जनरेटर होने के बावजूद अस्पताल में छाया रहा अंधेरा

हैरानी की बात यह है कि जिला अस्पताल के पुराने भवन में जनरेटर और सोलर प्लांट जैसी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं, इसके बावजूद बिजली गुल रहने पर वे काम नहीं आए। इस भवन में मेडिकल और सर्जरी वार्ड में मरीज भी भर्ती रहते हैं, लेकिन एक भी बल्ब नहीं जल रहा था।

अस्पताल के अलावा संजय स्टेडियम के सामने स्थित पुलिस पेट्रोल पंप भी बिजली न होने के कारण बंद रहा। सर्वर ठप होने की वजह से वाहन चालकों को ईंधन के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।

अभी केवल तैयार हुआ है ढांचा, आगे और भी शटडाउन की आशंका

गुरुवार को लगभग 6 घंटे चली इस लंबी कवायद के बाद भी केवल उस ढांचे को तैयार किया जा सका है जिस पर भविष्य में नई लाइन डाली जाएगी। मुख्य लाइन डालने का काम अभी बाकी है, जिसके लिए अधिकारियों के अनुसार एक बार फिर से लंबा शटडाउन लेना पड़ेगा।

इस प्रकार के बड़े शटडाउन के लिए उच्च स्तर से अनुमति लेनी होती है। लगभग चार महीने पहले भी ऐसा ही लंबा शटडाउन लिया गया था। इस सब स्टेशन पर करीब छह महीने पहले सात करोड़ रुपये की लागत से नया ट्रांसफार्मर लगाया गया था, जिसके बाद से यह क्रमिक प्रक्रिया चल रही है।