गुना जिले के कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पिपरोदा केशराज में जमीन के पुराने विवाद को लेकर सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि दबंगों ने हदें पार करते हुए रास्ते से गुजर रही महिलाओं और बच्चियों को जबरन खींच लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।

मक्का के ढेर गायब मिलने पर शुरू हुआ विवाद

यह पूरी घटना 19 अक्टूबर की है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। पुलिस को दी गई शिकायत में दसवीं कक्षा की छात्रा ने बताया कि उनका परिवार का गजराम यादव के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 19 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े छह बजे जब परिवार के लोग अपने खेत पर पहुंचे, तो वहां रखे मक्का के चार से पांच ढेर गायब मिले।

इस बात की शिकायत दर्ज कराने के लिए छात्रा के पिता कोक सिंह, भाई हरिसिंह और मामा बालिस्टिर अहिरवार मोटरसाइकिल से थाने के लिए रवाना हुए। कुछ देर बाद छात्रा अपनी मां तुलसाबाई और भाभी सीमा अहिरवार के साथ घर के जरूरी कागजात लेकर थाने जा रही थी, तभी रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया।

घर के अंदर खींचकर की गई मारपीट और अभद्रता

शिकायत के अनुसार, गजराम यादव के मकान के पास पहुंचने पर गजराम यादव, लल्लू यादव, रामकुमार यादव और धर्मेंद्र यादव ने महिलाओं को रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने तीनों को जबरन घर के अंदर खींच लिया और वहां लात-घूंसों व थप्पड़ों से जमकर पीटा।

इस हमले में नाबालिग छात्रा वर्षा के सिर, पीठ और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। वहीं उसकी मां तुलसाबाई और भाभी सीमा अहिरवार को भी शरीर पर अंदरूनी चोटें पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान रामकुमार यादव ने छात्रा के कपड़े भी फाड़ दिए।

डायल 112 की मदद से थाने पहुंचीं पीड़िताएं

घटना के दौरान मौके पर मचे हंगामे और चीख-पुकार की आवाज सुनकर डायल 112 वाहन मौके पर पहुंचा। पुलिस वाहन की मदद से पीड़ित महिलाओं को थाने लाया गया, जहां पता चला कि आरोपियों ने रास्ते में छात्रा के पिता, भाई और मामा के साथ भी मारपीट की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी सैफा हाशमी ने बताया कि लिखित शिकायत और पीड़िताओं के बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश की जा रही है।