गुना जिले में सड़क निर्माण कार्यों से जुड़ी एजेंसियों की मनमानी और लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला गुना-फतेहगढ़ मार्ग का है, जहां एक डामर प्लांट के संचालन से भारी प्रदूषण फैल रहा है। इस स्थिति के कारण बरसाती सहित आसपास के कई ग्रामीण इलाकों के लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
घरों पर जमी काली परत और स्वास्थ्य की चिंता
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाले लगातार धुएं और धूल के कणों ने पूरे वातावरण को दूषित कर दिया है। स्थिति यह है कि लोगों के घरों की दीवारों से लेकर छतों पर रखी पानी की टंकियों तक पर काली परत जम चुकी है। इससे स्थानीय नागरिकों को अपने रोजमर्रा के कामों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हवा में फैले इस जहर के कारण बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका लगातार बनी हुई है।
बच्चों ने वीडियो कॉल पर बमोरी विधायक को सुनाई अपनी पीड़ा
प्रदूषण के इस गंभीर संकट से तंग आकर बरसाती गांव के बच्चों ने अनूठा कदम उठाया। बच्चों ने वीडियो कॉल के जरिए बमोरी विधायक से संपर्क किया और अपनी परेशानी खुलकर रखी। बच्चों ने विधायक से अपील की कि इस डामर प्लांट को यहां से हटाकर किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कराया जाए, ताकि उन्हें और ग्रामीणों को इस मुसीबत से मुक्ति मिल सके।
पहले भी लग चुके हैं ठेकेदार पर गंभीर आरोप
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र के कुड़का गांव के ग्रामीण भी पूर्व में संबंधित ठेकेदार पर अवैध उत्खनन करने के आरोप लगा चुके हैं। अब डामर प्लांट के कारण फैल रहे प्रदूषण से लोगों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों और बच्चों ने प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द उचित कदम उठाए जाएं। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!