म्याना थाना क्षेत्र से अचानक लापता हुए थे चार बच्चे

गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र से उस वक्त हड़कंप मच गया जब चार नाबालिग लड़के अचानक अपने घरों से बिना बताए कहीं चले गए। परिजनों ने जब उनकी तलाश की और कोई सुराग नहीं मिला, तो तुरंत स्थानीय थाने में इसकी सूचना दी गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बच्चे काम की बात कहकर निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे।

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में शुरू हुई तलाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और एसडीओपी विवेक अष्ठाना के नेतृत्व में पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। म्याना थाना पुलिस ने परिजनों को साथ लेकर बच्चों की खोजबीन के प्रयास तेज कर दिए।

तकनीकी मदद और अन्य माध्यमों से जुटाई गई जानकारियों के आधार पर पुलिस को पता चला कि लापता हुए चारों नाबालिग लड़के भोपाल पहुंच चुके हैं। सूचना पुख्ता होने पर म्याना थाने से एक विशेष पुलिस दल परिजनों को लेकर तुरंत राजधानी भोपाल के लिए रवाना हुआ।

भोपाल से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा

राजधानी भोपाल पहुंचकर पुलिस टीम ने बताए गए ठिकानों पर दबिश दी और चारों नाबालिग बालकों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। पुलिस सभी को लेकर वापस म्याना लौटी। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे अपनी इच्छा से काम की तलाश में भोपाल चले गए थे।

सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने चारों नाबालिगों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। बच्चों के सकुशल घर लौटने पर परिजनों ने गुना पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए आभार जताया है।

इस सफल तलाश अभियान में म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया, प्रधान आरक्षक दिनेश गौतम, सतीश जैन, आरक्षक देवेन्द्र जाटव, रंजीत सिंह और जितेन्द्र मिश्रा की अहम भूमिका रही।