स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में गुना के प्रमुख हनुमान चौराहे पर शुक्रवार को एसयूसीआई (सी) द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर के विरोध में जमकर नारेबाजी की।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गए सवाल

प्रदर्शन के दौरान पार्टी के राज्य कमेटी सदस्य लोकेश शर्मा ने मीडिया और जनता को संबोधित किया। उन्होंने गत 23 सितंबर 2026 को एक अंग्रेजी अखबार में एसआईआर को लेकर छपी रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। शर्मा का दावा था कि आयोग के तीन में से दो आयुक्तों द्वारा एसआईआर के विभिन्न पहलुओं पर आपत्ति जताई गई थी।

अपने संबोधन में लोकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मौजूदा नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर कथित तौर पर भाजपा के पक्ष में एकतरफा निर्णय लिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन फैसलों का उद्देश्य विभिन्न राज्यों में सत्तारूढ़ दल को राजनीतिक लाभ पहुंचाना था।

हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम जोड़ने की मांग

विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए पार्टी के जिला कमेटी सदस्य मनोज रजक ने इस पूरी प्रक्रिया को देश के लोकतांत्रिक संस्थानों पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। इसके साथ ही एसआईआर प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगाने और इस प्रक्रिया के दौरान सूची से हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने की पुरजोर मांग की गई।

इस विरोध प्रदर्शन का विधिवत संचालन जिला कमेटी के सदस्य विकास बंसल द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में आक्रोशित कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के छायाचित्र की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।