गुना जिले के झागर चौकी अंतर्गत बेरखेड़ी गांव में बीती रात चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। घर में दाखिल हुए सशस्त्र बदमाशों ने जब ग्रामीणों का विरोध देखा तो ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस फायरिंग में तीन लोग घायल हो गए हैं।

सोए हुए परिवार को बनाया निशाना

बेरखेड़ी गांव निवासी वीरेंद्र धाकड़ अपने परिवार के साथ रात के समय घर में सो रहे थे। रात करीब दो बजे कुछ संदिग्ध बदमाश उनके घर के अंदर घुस आए। आहट होने पर घर की एक महिला की नींद खुल गई, जिसके बाद उसने तुरंत अन्य परिजनों को भी जगा दिया।

घर में दाखिल होने के बाद बदमाशों ने एक छोटी बच्ची को दबोच लिया और परिवार पर रुपए व कीमती सामान देने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने धमकी दी कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो वे बच्ची को जान से मार देंगे।

ग्रामीणों ने घेरा तो झोंक दी गोलियां

परिस्थितियों को भांपते हुए परिजनों ने शोर मचाया और फोन करके आसपास के अन्य ग्रामीणों को मौके पर बुला लिया। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए और उन्होंने बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया।

खुद को घिरता देख बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली के छर्रे लगने से परिवार के तीन पुरुष घायल हो गए। हालांकि, इस दौरान ग्रामीणों ने दिलेरी दिखाते हुए बदमाशों से दो बंदूकें भी छीन लीं, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर सभी बदमाश भागने में सफल रहे।

गंभीर घायल को किया गया भोपाल रेफर

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार दो घायलों की हालत खतरे से बाहर है, जबकि एक व्यक्ति को गंभीर रूप से छर्रे लगने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया है। पीड़ित परिवार का अनुमान है कि बदमाशों की भाषा और तौर-तरीकों से वे पारदी समुदाय के लग रहे थे।

पुलिस महकमे में हलचल, बदमाशों की तलाश तेज

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है। एएसपी प्रशांत सिंह सुमन के निर्देशन में कैंट, म्याना, फतेहगढ़ और सिरसी थानों की कई पुलिस टीमों को अपराधियों की तलाश में लगाया गया है।