गुना जिले के आरोन क्षेत्र में चर्चित खुदकुशी के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पिता और पुत्र को राहत दी है। करीब चार साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। मृतका ने अपने सुसाइड नोट में प्रेमी और उसके पिता पर मानसिक रूप से परेशान करने की बात लिखी थी।

क्या था पूरा मामला और सुसाइड नोट की बात

घटना 6 जून 2022 की रात की है, जब आरोन निवासी 19 वर्षीय राधा मीना ने अपने घर में दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अगली सुबह जब वह कमरे से बाहर नहीं आई, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसका शव फंदे पर लटका पाया था। पुलिस को मौके से दो पेज का सुसाइड नोट मिला था, जिसमें मृतका ने राघव शर्मा और उसके पिता महेंद्र शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। नोट में लिखा गया था कि राघव ने पांच साल तक रिश्ता रखने के बाद उसे धोखा दिया और उसके पिता ने उसे अपमानित किया।

सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर आरोन थाने की पुलिस ने राघव शर्मा और महेंद्र शर्मा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया था, जिस पर लंबी कानूनी प्रक्रिया चली।

अदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणी और फैसला

मामلا की सुनवाई के बाद न्यायालय ने साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया और दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि घटना के समय आरोपी राघव का एक्सीडेंट हो गया था और वह भोपाल के एक अस्पताल में इलाज करा रहा था, जबकि उसके पिता महेंद्र वहां बतौर अटेंडर मौजूद थे।

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि यह मान भी लिया जाए कि पिता महेंद्र ने मृतिका से कड़वी बातें कही थीं, तो भी परिस्थितियां यह साबित नहीं करतीं कि उनका इरादा उसे खुदकुशी के लिए प्रेरित करने का था। अदालत ने टिप्पणी की कि संभवतः प्रेमी से अलगाव के तनाव के कारण मृतिका ने यह कदम उठाया, लेकिन आत्महत्या कमजोर मस्तिष्क की कार्रवाई है और वह इस स्थिति का सामना कर सकती थी या पुलिस के पास जा सकती थी।

अन्य मामले में जेल में है मुख्य आरोपी

भले ही इस मामले में राघव शर्मा को अदालत से बरी कर दिया गया हो, लेकिन वह फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे है। राघव एक व्यापारी के मुनीम से हुई पंद्रह से सत्रह लाख रुपये की लूट के मामले में आरोपी है। गत वर्ष जुलाई महीने में कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के कर्मचारी की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर रकम से भरा बैग लूटा गया था, जिसमें पुलिस ने राघव शर्मा को गिरफ्तार किया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में है।