गुना जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उचित मूल्य दुकानदार कल्याण समिति के बैनर तले तमाम संचालक शहर के हनुमान चौराहे के पास एकत्रित हुए और वहां से एक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे।

हनुमान चौराहे से निकाली गई कलेक्ट्रेट तक रैली

दुकान संचालकों ने नगरपालिका के सामने एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई और रैली निकालकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा है।

90 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन से हो रही आर्थिक परेशानी

सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि मध्य प्रदेश में लगभग 28 हजार शासकीय उचित मूल्य दुकानें गरीबों और जरूरतमंदों को खाद्यान्न वितरित कर रही हैं। संचालकों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 90 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन मिलता है, जिससे दुकान का संचालन करना और अपने परिवार का भरण-पोषण चलाना बेहद कठिन हो गया है। कोविड काल जैसी विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने पूरी ईमानदारी से अपनी सेवाएं दी थीं।

अन्य राज्यों का दिया हवाला, न्यूनतम आय तय करने की मांग

आंदोलनकारियों ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार में 258 रुपए, केरल में 270, हरियाणा में 200, राजस्थान में 150, दिल्ली में 200, उत्तराखंड में 195 और उत्तर प्रदेश में 125 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन दिया जाता है, जबकि मध्य प्रदेश में यह राशि काफी कम है।

संचालकों ने मांग की है कि खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले कमीशन को बढ़ाकर कम से कम 200 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। इसके साथ ही विक्रेताओं की न्यूनतम मासिक आय 40 हजार रुपए निर्धारित करने, परिवहन व तौल के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु प्रति क्विंटल एक किलो की छूट देने की बात कही गई है।

इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई कि राशन दुकानों का मासिक कमीशन हर महीने की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए और सेवा सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी समय पर वेतन मिले।