नर्मदापुरम के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक युवक को जान देने के लिए उकसाने वाले आरोपी ताऊ को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। जिला न्यायालय ने आरोपी की ओर से दायर की गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी और उसके बेटों पर जमीन के हिस्से को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने के आरोप हैं।
क्या है पूरा मामला
यह घटना बीते 31 अगस्त की है। कर्नलगंज के रहने वाले 23 वर्षीय युवक विशाल यादव पुत्र गिरधारीलाल यादव ने अपने ही घर में कोई जहरीला पदार्थ गटक लिया था। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों के बयानों में हुआ जमीन विवाद का खुलासा
इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर अपनी जांच शुरू की। इस प्रक्रिया के दौरान मृतक की मां और पत्नी सहित अन्य नजदीकी परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए गए। बयानों में यह बात सामने आई कि विशाल के ताऊ हरगोविंद ग्वाल और उसके दोनों बेटे रामकिशन व राजकमल जमीन के बंटवारे को लेकर उसे लगातार तंग करते थे।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी पक्ष की तरफ से विशाल पर जमीन के मामले में राजीनामा करने का भारी दबाव बनाया जा रहा था। इसके लिए उसके साथ मारपीट भी की जाती थी, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गया था।
पुलिस कार्रवाई और कोर्ट का फैसला
जांच में सामने आए तथ्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने मृतक के ताऊ हरगोविंद ग्वाल तथा उसके दोनों बेटों रामकिशन और राजकमल के खिलाफ धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली थी। पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।
इसी मामले में कोल्हूपुरा निवासी 55 वर्षीय आरोपी ताऊ हरगोविंद ग्वाल ने निचली अदालत में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अपराध की प्रकृति, परिस्थितियों और समाज पर पड़ने वाले इसके नकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए आरोपी को इस चरण में जमानत का लाभ देना उचित नहीं है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!