ग्वालियर-चंबल अंचल के गुना जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत सेवा ज्योति कलश यात्रा निकाली गई थी। इस आयोजन के दौरान शहर में राजनीति और आम जनता के बीच तीखी बहस का मामला गर्मा गया है।

लक्ष्मीगंज से हनुमान चौराहे तक निकाली गई थी यात्रा

जानकारी के अनुसार, बुधवार को गुना के लक्ष्मीगंज क्षेत्र में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को लाइव सुनने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सेवा का संकल्प लिया। इसके पश्चात लक्ष्मीगंज से हनुमान चौराहे तक सेवा ज्योति कलश यात्रा काार्यक्रम शुरू हुआ।

यह यात्रा तय मार्ग से होते हुए सदर बाजार, सराफा बाजार, निचला बाजार और हाट रोड से गुजरकर हनुमान चौराहा पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह स्वागत और पूजन-अर्चन का दौर चला और हनुमान मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधिवत पूजा की।

खराब ट्रैफिक सिग्नल पर सवाल पूछने पर भड़के कार्यकर्ता

विवाद की शुरुआत तब हुई जब रघुवीर धाकड़ नामक स्थानीय युवक ने यात्रा के दौरान शामिल लोगों से शहर के बदहाल ट्रैफिक सिग्नल को लेकर सवाल कर दिया। रघुवीर का कहना था कि शहर के कई चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल खराब पड़े हैं, ऐसे में कभी इस बुनियादी समस्या के समाधान के लिए भी रैली निकाली जानी चाहिए।

युवक का आरोप है कि उसका इतना कहना ही था कि रैली में शामिल कुछ लोग आगबबूला हो गए और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हंगामे के दौरान उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हम कोई राजनीति से नहीं हैं। मैं तो छोटा सा व्यक्ति हूं। सिर्फ यही पूछा था कि सिग्नल खराब हैं, इन पर भी रैली निकालो। मुझे भाजपा से दिक्कत नहीं है। मोदी जी हजार साल जिएं, भाजपा दस हजार साल तक सत्ता में रहे। मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सिग्नल खराब क्यों हैं, इस पर भी बात होना चाहिए।

पीड़ित ने रोते हुए बयां किया दर्द, गरीब होने का दिया हवाला

घटना के बाद पीड़ित रघुवीर ने रोते हुए अपनी पीड़ा साझा की और बताया कि कुर्ता पहने हुए एक नेता ने उसके साथ मारपीट की है। उसने सवाल उठाया कि वह एक गरीब इंसान है, ऐसे में उसका तोड़ा गया मोबाइल फोन अब कौन वापस करेगा और उसे इस तरह पीटने से लोगों को क्या हासिल हुआ।