मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में एक ग्यारह साल की बच्ची की इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और चिकित्सा तथा नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
कीड़े के काटने के बाद अस्पताल लाए थे परिजन
मामला जिले के महू गढ़ा गांव का है। मृतक बच्ची के पिता सुरेंद्र सिंह वंशकार के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उनकी बेटी दिव्या वंशकार को किसी अज्ञात कीड़े ने काट लिया था। इसके तुरंत बाद परिवार के लोग उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और सुबह 11 बजे उसे भर्ती कराया गया।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी काफी देर तक बच्ची का कोई उपचार शुरू नहीं किया गया। शुरुआत में केवल खून का नमूना लिया गया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने अपने किसी परिचित को मौके पर बुलाया, जिसके बाद दोपहर करीब 2 बजे स्टाफ ने उपचार शुरू किया।
नर्सों पर मोबाइल में व्यस्त रहने का आरोप
बच्ची के चाचा ने ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब बच्ची दर्द से तड़प रही थी, तब नर्सें अपने मोबाइल फोन पर व्यस्त थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टाफ मोबाइल पर चैट करने में लगा हुआ था और किसी ने भी बच्ची की गंभीर हालत पर ध्यान नहीं दिया।
परिजनों का यह भी दावा है कि अस्पताल में एक इंजेक्शन और एक ग्लूकोज की बोतल लगाने के बाद शाम 4 बजे बच्ची की स्थिति और अधिक बिगड़ गई। इसके बाद उसे भोपाल रेफर कर दिया गया, लेकिन शाम करीब 6 बजे उपचार के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।
स्टाफ को निलंबित करने की मांग, प्रबंधन जांच में जुटा
मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने लापरवाह डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को तुरंत निलंबित करने की मांग की है। उनका मानना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिल जाता, तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।
उधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है। मोबाइल पर चैट करने और उपचार में देरी के आरोपों की सत्यता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!