ग्वालियर-चंबल संभाग के गुना जिले से उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है। यहां जिला उपभोक्ता आयोग ने कम बिजली खपत का वादा करके एसी बेचने के एक मामले में सख्त फैसला सुनाया है। आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को निर्देश दिए हैं कि वह ग्राहक को नया एसी मुहैया कराए या फिर उसकी राशि वापस करे।
ऑनलाइन खरीदा था एक टन का स्प्लिट एसी
अशोकनगर के रहने वाले हिमांशु ने इस मामले में जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट के माध्यम से MarQ कंपनी का 1 टन और 3 स्टार स्प्लिट इन्वर्टर कन्वर्टिबल एसी खरीदा था। इस खरीदारी के लिए उन्होंने 1 मई 2025 को 19,990 रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया था। कंपनी द्वारा इस उत्पाद पर एक साल और कंप्रेसर पर दस साल की वारंटी का दावा किया गया था।
दस दिन बीतने पर भी नहीं सुधरी बिजली खपत
सामने आया कि डिलीवरी के बाद कंपनी के अधिकृत इंजीनियर ने इसे स्थापित किया था। हालांकि, इसके संचालन के तुरंत बाद ही बिजली की भारी खपत की समस्या उजागर हो गई। शुरुआत में उपभोक्ता को लगा कि नया उपकरण होने के कारण ऐसा हो रहा होगा, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी खपत कम नहीं हुई। आखिरकार 19 मई 2025 को उन्होंने कंपनी के टोल फ्री नंबर पर इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद कंपनी का तकनीशियन जांच के लिए उपभोक्ता के घर पहुंचा। अन्य सभी विद्युत उपकरणों को बंद करके जब एसी की जांच की गई, तो पाया गया कि वह महज 10 मिनट में 0.3 यूनिट बिजली खर्च कर रहा था। इस हिसाब से यदि एसी को प्रतिदिन 8 घंटे चलाया जाए, तो महीने भर में बिजली की खपत लगभग 360 यूनिट तक पहुंच रही थी, जो विज्ञापनों में किए गए दावों के बिल्कुल विपरीत थी।
मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट मानकर आयोग में की गई थी शिकायत
जांच के दौरान तकनीशियन ने उपकरण की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की थी और कथित तौर पर यह स्वीकार किया था कि इसमें मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है जिसे सुधारा नहीं जा सकता। इसके बावजूद जब कंपनी स्तर पर कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला, तो उपभोक्ता ने अधिवक्ता सूर्य प्रकाश रघुवंशी के माध्यम से उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
मामون की सुनवाई पूरी होने के बाद उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को दोषी ठहराते हुए आदेशित किया कि उपभोक्ता को नया एसी दिया जाए या मौजूदा उपकरण की खराबी पूरी तरह दूर की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कंपनी ऐसा करने में असमर्थ रहती है, तो उसे एसी की मूल कीमत 19,990 रुपए सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ उपभोक्ता को चुकानी होगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!