ग्वालियर-चंबल संभाग के गुना जिले में मवेशी चोरी का एक अनूठा मामला सामने आया है। यहां आरोपियों ने शातिर तरीके से बंद बैंक खाते का चेक देकर उत्तर प्रदेश के ललितपुर से आए व्यापारी के मवेशी हड़प लिए। इस वारदात में कुल चार भैंसें और उनके चार नवजात बच्चे चोरी किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत आठ लाख रुपए आंकी गई है।

मंडी पहुंचे व्यापारियों को बनाया निशाना

सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली श्रीराम कॉलोनी में यह घटना घटी। थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के बड़ापुरा निवासी इकराम कुरैशी (40) अपने साथी टीपू सुल्तान कुरैशी के साथ पांच अक्टूबर को एक लोडिंग वाहन में मवेशी लेकर गुना मंडी आए थे। देर रात होने के कारण उन्होंने अपने वाहन को श्रीराम कॉलोनी के पास एक मैदान में खड़ा कर दिया था।

छह साल से बंद खाते का थमाया चेक

शिकायत के अनुसार गुना के रहने वाले राजपाल पालीवाल और जयपाल यादव ने व्यापारियों से संपर्क किया। आरोपियों ने मवेशी खरीदने का सौदा कर उन्हें एक ऐसा चेक थमा दिया, जिसका बैंक खाता पिछले छह साल से बंद था। साथ ही यह भरोसा दिलाया कि बाकी रकम गुना पहुंचने पर नगद दी जाएगी। रात के समय मौका पाकर आरोपियों ने वाहन से चारों भैंसें और उनके बच्चे पार कर दिए।

अगले दिन सुबह करीब पांच बजे जब पीड़ित व्यापारी की नींद खुली तो वाहन के पास से सभी मवेशी गायब मिले। इसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय थाने में दी, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी।

शिवपुरी के बदरवास से बरामद हुए मवेशी

मामלה दर्ज होने के बाद पुलिस ने एक विशेष दल का गठन किया। साइबर सेल से मिले तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर पड़ोसी जिले शिवपुरी के बदरवास क्षेत्र से चोरी किए गए सभी मवेशियों को सकुशल बरामद कर लिया गया है।

पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी राजपाल पालीवाल का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ अदालत से जुड़े पांच वारंट पहले से ही लंबित चल रहे थे, जिनमें चार स्थायी वारंट और एक गिरफ्तारी वारंट शामिल है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शिकंजे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।