मध्य प्रदेश के गुना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर एक युवक के साथ ठगी करने और उसे बंधक बनाकर पैसे वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना में शामिल एक संगठित गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे बुना ठगी का जाल
पुलिस ने बताया कि पदमनखेड़ी गांव के रहने वाले सौरभ यादव ने 13 सितंबर को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार, 12 सितंबर की शाम उसका परिचित अक्षय उर्फ विशाल कुशवाह उसे भाई को पर्सनल लोन दिलाने के बहाने आईडीएफसी बैंक के एटीएम बूथ के पास लेकर पहुंचा था।
वहां अक्षय ने उसके भाई का एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी हासिल की और वहां से चला गया। कुछ देर बाद मिथुन कुशवाह और गोलू उर्फ जुनैद खान वहां पहुंचे और लोन की राशि आने की बात कहकर उसे एटीएम ले गए। पैसे नहीं निकलने पर जब सौरभ ने अपने भाई दीपक से फोन पर बात की, तब पता चला कि अक्षय ने खाते से 50 हजार रुपए अपने फोन-पे पर ट्रांसफर करवा लिए हैं।
चार घंटे तक रखा बंधक
खाते से पैसे ट्रांसफर होने की बात सामने आते ही मिथुन कुशवाह, गोलू उर्फ जुनैद खान, नितिन राठौर और प्रियांशु त्रिपाठी ने सौरभ को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाया और काशीधाम कॉलोनी के एक सूने इलाके में ले गए। वहां उनका साथी समर्थ उर्फ चिक्की जैन भी आ गया।
आरोपियों ने सौरभ का मोबाइल छीन लिया और करीब चार घंटे तक उसे बंधक बनाकर रखा। इस दौरान आरोपियों ने 50 हजार रुपए की मांग करते हुए उसे जमकर डराया-धमकाया। डर के मारे पीड़ित ने अपने एक रिश्तेदार को मौके पर बुलाया। रिश्तेदार के आने पर आरोपियों ने उससे 48 हजार रुपए लिए और सौरभ को छोड़ा।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच के दौरान इसमें संगठित अपराध और अपहरण की गंभीर धाराएं भी बढ़ाईं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विशाल उर्फ अक्षय कुशवाह, मिथुन कुशवाह, जुनेद खान उर्फ गोलू और विशाल कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 58 हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं। इस मामले में शामिल बाकी फरार आरोपियों की तलाश भी तेजी से की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!