गुना जिले में छात्रवृत्ति के नाम पर शासन को बड़ा चूना लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उच्च शिक्षा के नाम पर मिलने वाली सरकारी सहायता राशि का किस प्रकार दुरुपयोग किया गया, इसका खुलासा तब हुआ जब एक छात्र बिना विदेश जाए ही छात्रवृत्ति के लाखों रुपये डकार गया। मामला कैंट थाना क्षेत्र का है।
ओबीसी वर्ग की छात्रवृत्ति का उठाया लाभ
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निरीक्षक राकेश राठौर द्वारा थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, शहर की भार्गव कॉलोनी निवासी दीपक धाकड़ का चयन वर्ष 2024-25 के दौरान यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में एक वर्षीय एमएससी (इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मार्केटिंग) कोर्स के लिए हुआ था। उसने अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद उसका चयन भी हो गया।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 16 सितंबर 2025 को उसके एक्सिस बैंक खाते में शासन की ओर से 36 लाख 85 हजार 938 रुपये की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई थी। यह राशि उसे ग्लासगो यूनिवर्सिटी में पढ़ाई और फीस के लिए दी गई थी।
विदेश जाने के बजाय पिता के खाते में भेजे रुपये
जांच में सामने आया कि आरोपी छात्र न तो यूनाइटेड किंगडम पढ़ने गया और न ही उसने यूनिवर्सिटी में किसी प्रकार की फीस जमा कराई। जब विभाग को इस पर संदेह हुआ तो बैंक से खातों का पूरा विवरण और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड निकलवाया गया। इसमें पता चला कि छात्र ने गड़बड़ी को अंजाम देते हुए बड़ी चालाकी से पूरी रकम निकाल ली।
बैंक दस्तावेजों के अनुसार, छात्र ने 19 और 20 सितंबर 2025 को अपने एचडीएफसी बैंक खाते में 21 लाख 70 हजार 59 रुपये और अपने पिता धर्मेन्द्र धाकड़ के केनरा बैंक खाते में 15 लाख 35 रुपये ट्रांसफर कर लिए। इस प्रकार दोनों खातों में कुल 36 लाख 70 हजार 94 रुपये पहुंच गए। शिकायत में बताया गया कि 19 से 22 सितंबर के बीच चेक के माध्यम से यह राशि निकाल ली गई, जबकि उसके पिता ने छात्रवृत्ति के संबंध में सुरक्षादाता के रूप में बंधपत्र पर हस्ताक्षर किए थे।
नोटिस देने के बाद भी नहीं लौटाई राशि, अब एफआईआर
विभागीय स्तर पर राशि की रिकवरी के लिए छात्र को कई बार प्रयास किए गए। विभाग की ओर से 6 मई, 1 जून, 16 जून और 28 जुलाई 2026 को पत्र जारी कर छात्र को चेताया गया और ब्याज सहित पूरी छात्रवृत्ति राशि शासन के खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद जब पैसे वापस नहीं किए गए, तब विभाग ने 12 अक्टूबर को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
कैंट थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ा कदम उठाते हुए छात्र दीपक धाकड़ और उसके पिता धर्मेन्द्र धाकड़ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और पैसों की रिकवरी को लेकर जांच पड़ताल कर रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!