गुना जिले के मृगवास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सानई चौकी के ग्राम तलावड़ा में साइबर धोखाधड़ी का एक नया मामला प्रकाश में आया है। व्हाट्सएप पर आई एक अज्ञात एपीके फाइल को शासकीय कार्य से जुड़ा मानकर क्लिक करना एक स्थानीय पंचायत सचिव को भारी पड़ गया।

सरकारी कार्य की लिंक समझकर बढ़ाई मुश्किलें

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित मिंटूलाल (59) पुत्र सोनाराम मीणा ग्राम तलावड़ा मजरा सानई के निवासी हैं और वर्तमान में ग्राम पंचायत बरोद में सचिव के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। गत 18 अगस्त 2026 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से एक संदिग्ध एपीके फाइल भेजी गई थी।

फरियादी ने इसे किसी सरकारी योजना या कार्य से संबंधित समझकर अपने फोन में ओपन कर लिया। फाइल खुलते ही उनका मोबाइल फोन कथित तौर पर साइबर अपराधियों के रिमोट कंट्रोल में आ गया, जिससे ठगों को बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच मिल गई।

अलग-अलग तारीखों में हुई अवैध निकासी

इस बात की भनक पीड़ित को तब लगी जब वे 23 अगस्त को अपनी बैंक शाखा पहुंचे और वहां से खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। बैंक रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि उनके खाते से कुल 3 लाख 5 हजार 50 रुपये की रकम अलग-अलग चरणों में ट्रांसफर कर ली गई है।

ठगों ने योजनाबद्ध तरीके से 18 अगस्त को दो बार में 4,969 रुपये, 21 अगस्त को चार किस्तों में 99,979 रुपये, 22 अगस्त को चार बार में 99,999 रुपये और 23 अगस्त को 1,00,103 रुपये विभिन्न यूपीआई माध्यमों से उड़ाए।

पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) के माध्यम से ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद मृगवास पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की। सानई चौकी प्रभारी उप निरीक्षक राहुल शर्मा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।

फिलहाल स्थानीय पुलिस और साइबर सेल की टीम संयुक्त रूप से इस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के डिजिटल पदचिह्नों को खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।