गुना शहर में जन समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को एक मंच पर उठाने के लिए 'जन संसद' के गठन की महत्वपूर्ण पहल की गई है। संविधान, लोकतंत्र और अधिकारों की रक्षा को लेकर आयोजित इस विशेष परिचर्चा में करीब पांच दर्जन विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
साझा मंच के जरिए आंदोलनों को धार देने की तैयारी
बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब भी जनता के बुनियादी अधिकारों, प्राकृतिक संसाधनों और सार्वजनिक संपत्तियों के संबंध में नीतियां बनाई जाती हैं, तब एक मजबूत और साझा मंच की आवश्यकता महसूस होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए 'जन संसद' को ऐसा माध्यम बनाया जा रहा है, जो स्थानीय कठिनाइयों से लेकर नीतिगत मामलों तक मुखरता से अपनी बात रख सके।
जयवर्धन सिंह और ऋषि अग्रवाल ने सरकार को घेरा
इस परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए विधायक जयवर्धन सिंह ने वर्तमान भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वोट चोरी, किसान विरोधी फैसलों, आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाते हुए तीखा हमला बोला। वहीं, विधायक ऋषि अग्रवाल ने विधानसभा सत्र की कार्यवाही का हवाला देते हुए कहा कि सदन के भीतर जनता से जुड़े जरूरी सवालों पर अक्सर चर्चा टाल दी जाती है और सदन स्थगित कर दिया जाता है, जिसके बावजूद जनता के हक की लड़ाई जारी है।
एसआईआर प्रक्रिया, निजीकरण और स्मार्ट मीटर पर उठे सवाल
बैठक में एडवोकेट पुष्पराग ने पर्यावरण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया। डॉ. विष्णु शर्मा ने केंद्र की नीतियों के विरोध में एकजुट संघर्ष का आह्वान किया। मनीष श्रीवास्तव ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूचियों से नाम कटने से नागरिकों के मताधिकार पर सीधा असर पड़ रहा है, जिसकी रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है। इसके अलावा मनोहर मराठा ने सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का विरोध किया, जबकि राकेश मिश्रा और नरेंद्र भदौरिया ने स्मार्ट मीटर और अन्य नीतियों के कारण जनता पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव का मुद्दा उठाया।
26 अक्टूबर को प्रदर्शन और आगामी रणनीति
विस्तृत चर्चा के बाद यह तय किया गया कि आगामी 26 अक्टूबर को एसआईआर (SIR) के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन लोकेश शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन रजनीश शर्मा ने किया। इस अवसर पर हरि विजयवर्गीय, आलोक नायक, पंकज कनेरिया, विकास बंसल, सीमा यादव, सीमा राय, विजय यादव, धर्मेंद्र विश्वकर्मा, यशवंत शर्मा, कल्याण लोधी, जहूर खान, रवि शर्मा, पार्षद बंटी सेन, पार्षद नरेंद्र, जैनेन्द्र जैन समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!