गुना जिले के प्रशासनिक गलियारों में आरोन तहसील का एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां पिछले करीब 25 वर्षों से पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी दशरथ जाटव का एक बार फिर से उसी तहसील में ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां से उन्हें जन शिकायतों के बाद हटाया गया था।

चांचौड़ा में नहीं की थी ज्वाइनिंग, एसडीएम कार्यालय में रहे अटैच

नागरिकों की लगातार शिकायतों के बाद 10 जून 2025 को दशरथ जाटव का ट्रांसफर आरोन तहसील से चांचौड़ा तहसील कर दिया गया था। हालांकि, उन्होंने चांचौड़ा तहसील पहुंचकर अपनी ज्वाइनिंग नहीं दी थी। इसके बजाय उन्होंने खुद को गुना एसडीएम कार्यालय में अटैच करवा लिया था और वहीं पर कार्यरत रहे।

स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर दिया था आवेदन

गुना एसडीएम कार्यालय में संबद्ध रहने के दौरान उन्होंने वापस आरोन तहसील में पदस्थ किए जाने के लिए विभाग को आवेदन सौंपा था। अपने आवेदन में उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया था। उन्होंने बताया कि उनकी हार्ट सर्जरी हो चुकी है, वे शुगर की बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी आंखों से भी कम दिखाई देता है।

इसके अलावा अपने आवेदन में उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया था कि उनकी सेवाकाल के रिटायरमेंट में अब केवल दो साल का समय ही शेष बचा है। इन्हीं सब व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने पुनः आरोन तहसील में नियुक्ति देने का अनुरोध किया था।

अ अपर कलेक्टर के आदेश पर दोबारा मिली आरोन में तैनाती

कर्मचारी द्वारा दिए गए आवेदन औरिित तर्कों पर विचार करने के बाद प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया गया। अपर कलेक्टर की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए, जिसके बाद दशरथ जाटव ने एक बार फिर से आरोन तहसील में अपनी ज्वाइनिंग दे दी है।

इस प्रकार स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के आधार पर जिस कर्मचारी को आरोन तहसील से हटाया गया था, वह एक साल का समय पूरा होने से पहले ही प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत वापस उसी तहसील में लौट आए हैं।