उच्च न्यायालय के निर्देश पर प्रशासन ने शुरू की प्रक्रिया

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा डब्ल्यूपी क्रमांक 5766/2025 (छोटेलाल आदिवासी विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य) में पारित किए गए आदेश का पालन करते हुए गुना जिले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है।

इस आदेश के अंतर्गत गुना जिले में अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्यों की जमीनों को प्रभावशाली व्यक्तियों और विभिन्न पदों पर काबिज लोगों द्वारा हथियाए जाने के मामलों की तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जा रही है।

कलेक्टर और एसडीएम कार्यालय में दर्ज कराएं जानकारी

प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यदि किसी नागरिक के पास ऐसी भूमि से जुड़ा कोई भी विवरण या साक्ष्य है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेज और विवरण प्रस्तुत कर सकता है।

जिले में जिस किसी भी व्यक्ति को यह जानकारी है कि एसटी वर्ग के किसी खातेदार या पट्टाधारक की जमीन पर किसी रसूखदार व्यक्ति ने अवैध कब्जा किया है या धोखाधड़ी कर उसे अपने नाम ट्रांसफर कराया है, वह अपनी बात रख सकता है।

गोपनीय रखी जाएगी शिकायतकर्ता की पहचान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाले और सूचना देने वाले हर व्यक्ति की पहचान और नाम को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा, ताकि लोग बिना किसी डर के आगे आ सकें।

संबंधित मामलों से वाकिफ लोग आगामी 25 सितंबर तक कार्यालयीन समय के दौरान सीधे गुना कलेक्टर कार्यालय अथवा जिले के किसी भी अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय में अपनी जानकारी लिखित रूप में दर्ज करा सकते हैं।