ग्वालियर-चंबल अंचल के गुना जिले के सिरसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक खेत में फसल काटने के दौरान हुए खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जमीन की पुरानी रंजिश और विवाद के चलते बटाईदार की हत्या के इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

खेत पर मक्का तोड़ने को लेकर हुआ था विवाद

घटनाक्रम के अनुसार, नयागांव निवासी जागृति बाई पटेलिया ने सिरसी थाने में मामला दर्ज कराया था कि वह अपनी महिला परिजनों के साथ चिडरऊ अमरपुरा स्थित अपने खेत पर मक्के की फसल कटवा रही थी। उनके साथ पिस्सम यादव, उसकी पत्नी सुनीता यादव और रुकमणी यादव भी खेत पर मौजूद थे। इसी दौरान सालौदा गांव निवासी गजानंद धाकड़ अपने बेटों और अन्य साथियों के साथ वहां पहुंच गया।

पहले से चले आ रहे जमीनी विवाद को लेकर आरोपियों ने खेत पर पहुंचते ही हंगामा शुरू कर दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। जब खेत पर काम कर रहे पिस्सम यादव ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने उस पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया।

बीच-बचाव करने आई महिलाओं से भी की मारपीट

झगड़े के दौरान जब जागृति बाई और पिस्सम की पत्नी सुनीता यादव ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस हमले में पिस्सम यादव गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गया। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस वाहन मौके पर पहुंचा और घायलों को मारकीमऊ के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पिस्सम यादव को मृत घोषित कर दिया।

एसपी के निर्देश पर गठित की गई थी विशेष टीमें

शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने एसडीओपी गुना विवेक अष्ठाना के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गजानंद, धनराज, लोटू उर्फ पवन, राजेश उर्फ माटू, अमर सिंह और लक्ष्मण के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को आवश्यक कार्रवाई के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया है।