ग्वालियर-चंबल अंचल के गुना जिले के म्याना इलाके में जमीन के पुराने विवाद को लेकर हुई एक किसान की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट दर्ज कराने से बौखलाए दबंगों ने इस खूनी हमले को अंजाम दिया था।

पट्टे की जमीन को लेकर चल रहा था तीन महीने से विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, म्याना निवासी 65 वर्षीय माखन अहिरवार खेती-किसानी करते थे। उनके परिजनों ने बताया कि उनकी 15 बीघा पट्टे की जमीन पर गांव के कुछ दबंग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, और इसको लेकर पिछले तीन महीनों से लगातार विवाद चल रहा था।

इसी रंजिश के चलते बुधवार को भी दोनों पक्षों के बीच तकरार हुई थी। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में म्याना थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस में मामला पहुंचने से नाराज आरोपियों ने उसी दिन रात करीब आठ बजे योजनाबद्ध तरीके से हथियारों के साथ पीड़ित परिवार के घर पर हमला बोल दिया।

थाने में शिकायत करने पर घर में घुसकर बोला था हमला

करीब 10 से 12 लोगों की संख्या में आए हमलावरों ने घर पर धावा बोलकर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान माखन अहिरवार को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया गया, जबकि 18 वर्षीय गुलशन अहिरवार के सिर पर लट्ठ से गंभीर वार किया गया। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई।

घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 मौके पर पहुंची और घायलों को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुई। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में माखन अहिरवार की मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तुरंत हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

एसपी के निर्देश पर महज 24 घंटे में हुई आरोपियों की गिरफ्तारी

जिला पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। म्याना पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देते हुए 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को धर दबोचा।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान लालजी (42), राहुल (22), नंदा उर्फ नंदराम (45), मनसिंगा उर्फ मानसिंह (42), सूखा उर्फ सुखलाल (40) और महेंद्र (26) के रूप में हुई है, जो सभी ग्राम गोपालपुर मारधय, थाना म्याना के निवासी हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।