गुना जिले के राघौगढ़ में स्थानीय मेधावी छात्र-छात्राओं की हौसला अफजाई के लिए एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। जैन मिलन राघौगढ़ द्वारा सिंघई नेमीचंद जैन पारमार्थिक ट्रस्ट के सहयोग से स्वर्गीय डॉ. विनोद कुमार जैन की स्मृति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

संतों के सानिध्य में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

यह पूरा गरिमामयी कार्यक्रम नगर में चातुर्मास प्रवास कर रहे मुनि श्रमण सागर और मुनि ओंकार सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य विद्यासागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई।

इस अवसर पर भारतीय जैन मिलन के विजय कुमार जैन, समाज के अध्यक्ष अशोक कुमार भारिल्य, सुभाष चंद्र चौधरी, जितेंद्र कुमार जैन, राजीव कुमार जैन और आकाश जैन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं, अंतिम जैन और शिल्पा रावत ने संगीतमय पूजन का वाचन कर माहौल को भक्तिमय बनाया।

वर्ष 1997 से लगातार जारी है सम्मान की यह परंपरा

आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार, मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने का यह सिलसिला वर्ष 1997 से लगातार बिना रुके जारी है। इस बार के समारोह में कक्षा 1 से 5 तक 80 प्रतिशत से अधिक और कक्षा 6 से 12 तक 75 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले कुल 55 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार प्रदान किए गए।

इस दौरान ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. लेशाशु जैन और उनकी माता कुशल जैन का भी दुपट्टा ओढ़ाकर तथा पुष्पहार से विशेष सम्मान किया गया।

विद्यार्थियों को मिला संतों का आशीर्वचन

विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए मुनि श्रमण सागर महाराज ने कहा कि जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए सबसे पहले एक निश्चित लक्ष्य तय करना जरूरी है और फिर उस पर अडिग रहकर आगे बढ़ना चाहिए। इस दौरान उन्होंने अपनी स्वरचित कविता ‘पाता मंजिल वही है जिसने ठान लिया तो ठान लिया’ भी सुनाई।

इस सफल आयोजन को संपन्न कराने में कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप कुमार जैन और कोषाध्यक्ष रूपेश चौधरी का विशेष सहयोग रहा। अंत में शाखा मंत्री राजीव कुमार जैन ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।