देशभर में शांति, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित करने के लिए निकाली जा रही 35वीं राजीव ज्योति सद्भावना यात्रा का स्थानीय पड़ाव गुना में हुआ। राघौगढ़ विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस यात्रा का आत्मीय स्वागत किया।

1990 में हैदराबाद से हुई थी शुरुआत

इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए आर. दोराईवेलु और विधायक इंजीनियर ऋषि अग्रवाल ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और जातीय दूरियों को पाटने के लिए वर्ष 1990 में हैदराबाद स्थित चारमीनार से इस परंपरा का सूत्रपात किया था।

इस वर्ष यह यात्रा 9 अगस्त को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर से रवाना हुई थी। इसके पश्चात यह कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बैतूल व भोपाल जिलों का सफर तय करते हुए गुना जिले में दाखिल हुई।

आतंकवाद विरोध और आईटी क्रांति का संदेश

सद्भावना यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच धर्मनिरपेक्षता, आपसी प्रेम और देश की एकता की भावना को मजबूत करना है। इसके साथ ही यह यात्रा आतंकवाद के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्रांति के महत्व को भी रेखांकित करती है।

श्रीपेरंबदूर से शुरू हुई इस यात्रा में लगभग 60 लोग लगातार राजीव ज्योति की मशाल थामे हुए आगे बढ़ रहे हैं। ये सभी पदयात्री 9 अगस्त से निरंतर यात्रा कर रहे हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 अगस्त को नई पहुंचेंगे।

शिवपुरी और ग्वालियर के रास्ते दिल्ली के लिए प्रस्थान

गुना में रात्रि विश्राम करने के बाद सोमवार की सुबह 9 बजे यह यात्रा शिवपुरी के रास्ते ग्वालियर की ओर रवाना हुई। ग्वालियर-चंबल संभाग से आगे बढ़कर यह काफिला उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न शहरों जैसे आगरा, मथुरा, फरीदाबाद और गुरुग्राम से गुजरेगा।

दिल्ली पहुंचने पर कांग्रेस के शीर्ष राष्ट्रीय नेता इस यात्रा का स्वागत करेंगे। आगामी 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती के अवसर पर वीर भूमि पर एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसके साथ ही इस पूरी यात्रा का समापन हो जाएगा।

गुना प्रवास और प्रस्थान के दौरान विधायक इंजीनियर ऋषि अग्रवाल के साथ मेहरबान सिंह धाकड़, पंकज कनेरिया, शेखर वशिष्ठ, रणवीर कुशवाह, भगवान सिंह अहिरवार, आबिद मास्टर, छोटू शिमला, सत्यप्रकाश वर्मा, खुर्रम राईन, राजू जाटव, दिनेश शिवहरे, राकेश वाल्मीकि, खालिद बंटी, रामस्वरूप जाटव, वीरेंद्र ओझा, गौरव कदम, शहजाद खान, विक्की चंदेल, इरशाद खान और गोलू कुशवाह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।