अंचल के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले बीना-ग्वालियर पैसेंजर ट्रेन में हुई बड़ी चोरी की वारदात को लेकर जीआरपी गुना ने एक और अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में चोरी के आभूषण ठिकाने लगाने और खरीदने वाले आरोपी सुनार को उत्तर प्रदेश के हाथरस से गिरफ्तार कर लिया है। चार महीने से फरार चल रहे इस आरोपी की धरपकड़ के साथ ही पुलिस ने लाखों रुपए का माल भी बरामद किया है।
17 लाख से ज्यादा के गहने हुए जब्त
पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी के कब्जे से बरामद किए गए सोने और चांदी के आभूषणों की कुल कीमत लगभग 17 लाख 28 हजार रुपए आंकी गई है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सोने के हार, कंगन, अंगूठियां, नथ के साथ-साथ चांदी की पायल और अन्य बहुमूल्य सामान भी अपने कब्जे में ले लिया है।
जून महीने में दिया गया था वारदात को अंजाम
यह पूरी घटना 13 जून की है, जब अशोकनगर के रहने वाले आविद खान अपने परिजनों के साथ ट्रेन संख्या 51883 यानी बीना-ग्वालियर पैसेंजर से सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान अज्ञात चोरों ने उनके ट्रॉली बैग को निशाना बनाया और उसमें रखे करीब 16 लाख रुपए मूल्य के आभूषण चुराकर फरार हो गए थे। पीड़ित परिवार की शिकायत पर जीआरपी गुना ने तुरंत मामला दर्ज कर सरगर्मी से जांच शुरू की थी।
हाथरस तक पहुंची थी पुलिस की जांच
तपिश के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि ट्रेन से चुराए गए गहने उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रहने वाले एक सुनार धर्मेन्द्र सोनी उर्फ मोनू को बेचे गए थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया। अदालत से रिमांड हासिल कर पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसके ठिकाने से तमाम जेवर बरामद किए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस सुनार का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है।
गौरतलब है कि इस बड़ी चोरी के सिलसिले में पुलिस पहले ही एक अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में पकड़े गए इन आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट से पहले ही निरस्त की जा चुकी है। फरार चल रहे सुनार की गिरफ्तारी और माल की शत-प्रतिशत बरामदगी को जीआरपी गुना की इस पूरे प्रकरण में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!