गुना शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले संकुल केंद्रों पर तैनात कुछ क्लर्कों की उदासीनता और कार्य में देरी का खामियाजा जिलेभर के शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि इन कर्मचारियों द्वारा शिक्षकों के अवकाशों का ब्योरा ई-सर्विस बुक में अपडेट नहीं किया जा रहा है, जिसका सीधा असर उनकी उपस्थिति और वेतन पर पड़ रहा है।

ई-अटेंडेंस एप पर दिख रही अनुपस्थिति

विभाग की ओर से पारदर्शिता लाने के लिए ई-अटेंडेंस की डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन दफ्तरों में सुस्त कार्यशैली के कारण यह शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सर्विस बुक और ई-सर्विस बुक आपस में जुड़ी होने के कारण जब शिक्षक आकस्मिक, चिकित्सा या अन्य स्वीकृत अवकाश पर रहते हैं, तब भी एप पर उन्हें अनुपस्थित दर्शाया जाता है। इससे उनके वेतन रुकने का संकट पैदा हो जाता है और उन्हें सुधार के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

डीईओ कार्यालय में गूंजा शिक्षकों का मुद्दा

इस समस्या के समाधान को लेकर रविवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान प्रांतीय शिक्षक संघ और शासकीय सेवक सेतु के प्रतिनिधियों ने जिला शिक्षा अधिकारी समर सिंह राठौर के समक्ष इस व्यवस्थागत लाचारी का पुरजोर विरोध किया। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि अकेले गुना जिले में इस तकनीकी और मैदानी लापरवाही के कारण पांच हजार से अधिक शिक्षक खासी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

पंद्रह दिन के भीतर प्रविष्टि पूरी करने के निर्देश

शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए डीईओ समर सिंह राठौर ने तत्काल प्रभाव से सभी ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर्स (बीईओ) और संकुल प्राचार्यों के नाम सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को पंद्रह दिन के भीतर शिक्षकों की सर्विस बुक में लंबित सभी प्रकार के अवकाशों की एंट्री पूरी करने को कहा गया है। निर्धारित अवधि में कार्य पूरा होने के बाद संकुल प्राचार्यों को इस आशय का प्रमाण पत्र भी डीईओ कार्यालय में जमा कराना होगा कि उनके अधीन किसी भी शिक्षक का अवकाश दर्ज होने से नहीं बचा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।