महालक्ष्मी नगर की घटना

गुना शहर के सकतपुर रोड स्थित महालक्ष्मी नगर इलाके में गणेश उत्सव के दौरान एक विवाद सामने आया है। यहां झांकी में अश्लील गाने बजाए जाने का विरोध करने और इसके बजाय धार्मिक भजन बजाने की बात कहने वाले परिवार को निशाना बनाया गया है। आरोप है कि पति के घर पर न होने का फायदा उठाकर 15 से 20 उपद्रवियों ने घर को घेर लिया और जमकर पथराव किया।

क्या था पूरा मामला

पीड़िता ममता नामदेव ने जानकारी दी कि 21 सितंबर की रात मोहल्ले में स्थापित गणेश झांकी में तेज आवाज में अश्लील गाने चलाए जा रहे थे। इस बात पर उनके पति भानू नामदेव ने आयोजकों से आपत्ति जताई थी और फिल्मी गानों की जगह भगवान के भजन बजाने का आग्रह किया था। हालांकि उस वक्त वहां कोई तुरंत बड़ा विवाद नहीं हुआ था।

मामला तब गंभीर हो गया जब 22 सितंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे भानू नामदेव गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए सिंहवासा तालाब गए हुए थे। घर पर ममता अपने छोटे बच्चों के साथ अकेली थीं। इसी दौरान जगदीश प्रसाद ओझा और हेमंत ओझा अपने 15-20 अन्य साथियों के साथ लाठी-डंडे लेकर उनके घर के बाहर आ धमके।

दरवाजे के कांच टूटे, टॉयलेट में छिपाई जान

आरोपियों ने घर के बाहर खड़े होकर गंदी-गंदी गालियां दीं और अंदर घुसने का प्रयास किया। खतरा भांपते हुए महिला ने तुरंत अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने घर पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे दरवाजों और खिड़कियों के कांच टूट गए और बाहर लगा बिजली का मीटर भी क्षतिग्रस्त हो गया।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरी सहमी ममता ने टॉयलेट में छिपकर अपनी और बच्चों की जान बचाई। उसी हालत में उन्होंने अपने पति को फोन करके घटना की सूचना दी। पीड़िता के अनुसार इस हमले में उनके घर को लगभग 50 से 70 हजार रुपए का नुकसान पहुंचा है।

एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार

इस डरावनी घटना के बाद डरी हुई पीड़िता ममता नामदेव ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया। बुधवार को उन्होंने एसपी के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने, सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और उनके डरे-सहमे परिवार को उचित सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है।