गुना जिले की कैंट थाना पुलिस ने बच्चों के साथ गंभीर अपराध करने वाले एक आरोपी को धर दबोचा है। जब पुलिस ने इस शख्स की पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की, तो उसकी करतूतें सामने आने पर अधिकारी भी सकते में आ गए।

10 साल के बच्चे के अपहरण से हुआ सनसनीखेज खुलासा

घटना की शुरुआत 16 अक्टूबर 2026 को हुई, जब कैंट थाने में एक दस साल के बच्चे के गायब होने की सूचना दी गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन यानी 17 अक्टूबर को बच्चे को सुरक्षित ढूंढ निकाला।

पीड़ित बच्चे ने पुलिस को आपबीती बताते हुए कहा कि गुलाबगंज रेलवे पटरी के पास एक व्यक्ति ने उसे खाने का प्रलोभन दिया और जंगल की तरफ खींच ले गया। वहां आरोपी ने शराब पी, उसके साथ मारपीट की और हाथ-पैर बांध दिए। गनीमत रही कि अत्यधिक नशा होने के कारण आरोपी खुद बेहोश होकर गिर गया, जिसके बाद बच्चा रस्सी खोलकर वहां से भागने में सफल रहा और अपनी नानी के घर पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी।

सीसीटीवी फुटेज और नशे की लत से तक पहुंचा पुलिस का हाथ

कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे आरोपी का हुलिया साफ हो गया। इसके बाद जब वह तस्वीरें क्षेत्र के नशा करने वाले लोगों को दिखाई गईं, तब उसकी पहचान 33 वर्षीय शिवकुमार उर्फ हल्के उर्फ भूपत सिंह के रूप में हुई, जो मूल रूप से आरोन के क्षेत्रपाल गांव का रहने वाला है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी स्मैक पीने का आदी है और वारदात को अंजाम देने के बाद गुना शहर में ही छिपा हुआ था। पुलिस ने जाल बिछाकर 18 अक्टूबर को उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।

मासूम बच्चों को क्यों बनाता था निशाना?

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी अकेले घूमने वाले मासूम बच्चों को अपना आसान शिकार बनाता था। वह उन्हें चॉकलेट या अन्य चीजों का लालच देकर आसानी से अपने जाल में फंसा लेता था और सुनसान जगह पर ले जाकर अपनी काली करतूतों को अंजाम देता था।