गुना शहर की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में व्यापारियों को करोड़ों का चूना लगाने वाले ठग के कारनामों की परतें अब खुलने लगी हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, इस बड़े फर्जीवाड़े की चपेट में एक स्थानीय भाजपा पार्षद भी आ गई हैं। आरोपी पार्षद का लगभग 1.12 करोड़ रुपए कीमत का अनाज हड़पकर फरार हो गया था, जिसकी शिकायत लेकर मंगलवार को पार्षद के पति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई।

मुनाफे का लालच देकर फंसाए व्यापारी

प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि आरोपी सुनील पंवार मूल रूप से महाराष्ट्र के सोलापुर का रहने वाला है। वह पिछले पांच-छह महीनों से गुना में रहकर नानाखेड़ी मंडी में कारोबार कर रहा था। इस दौरान उसकी नजदीकियां स्थानीय व्यापारी महेंद्र कुशवाह से बढ़ीं। महेंद्र की मौखिक गारंटी के कारण अन्य मंडी व्यापारियों का भी उस पर विश्वास बैठ गया। आरोपी किसानों और व्यापारियों को बाजार भाव से अधिक कीमत देने का प्रलोभन देता था। शुरुआती दौर में कुछ समय तक उसने समय पर भुगतान भी किया, जिससे उसका प्रभाव बढ़ गया और करीब 8 से 10 व्यापारी उसके झांसे में आ गए।

एसपी कार्यालय में लगाई गई गुहार

इस बड़े धोखाधड़ी प्रकरण में अब सत्तारूढ़ दल की एक महिला पार्षद का नाम भी जुड़ गया है। आरोपी सुनील पंवार पार्षद का 1.12 करोड़ रुपए का अनाज लेकर रफूचक्कर हो गया। इस मामले में मंगलवार को पीड़ित पार्षद के पति ने एसपी ऑफिस पहुंचकर जनसुनवाई के दौरान लिखित आवेदन दिया और अपनी राशि व अनाज की शीघ्र रिकवरी किए जाने की मांग उठाई।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, बैंक खाते सीज

इससे पहले, पीड़ित व्यापारी महेंद्र कुशवाह की शिकायत के आधार पर कैंट थाना पुलिस ने आरोपी सुनील पंवार के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा और अदालत से उसका रिमांड हासिल किया। पूछताछ और रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों में जमा लगभग 19 लाख रुपए की राशि को भी फ्रीज करवा दिया है।

अन्य संभावित मददगारों की तलाश जारी

स्थानीय पुलिस को अंदेशा है कि इस बड़े पैमाने पर की गई ठगी के पीछे कुछ अन्य लोग भी संलिप्त हो सकते हैं। पुलिस दल संभावित सहयोगियों की टोह में लगातार दबिश दे रहे हैं। चूंकि मुख्य शिकायतकर्ता व्यापारी की गारंटी पर ही बाक़ी लोगों ने आरोपी पर भरोसा जताया था, इसलिए अब पार्षद के मामले के सामने आने के बाद पुलिस के लिए ठगी गई पूरी रकम और माल की बरामदगी करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहराई से तफ्तीश कर रही है।