गुना जिले के मृगवास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जोगीपुरा गांव में पच्चीस साल पुराने एक जमीन विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत उस समय अखाड़े में तब्दील हो गई जब दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हो गई। महज चौबीस सौ रुपए में बिकी तीन बीघा जमीन के पुराने सौदे को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ था।

गवाहों के बयान के दौरान गरमाया माहौल

सानई चौकी क्षेत्र के जोगीपुरा गांव में खेत की मेढ़ और कड्डा वाली वडली के पास दोनों पक्षों के बीच पुराने लेन-देन के मामलों को निपटाने के लिए पंचायत का आयोजन किया गया था। इस पंचायत में ग्रामीण, दोनों पक्षों के लोग और कई गवाह भी उपस्थित थे। कार्यवाही के दौरान जैसे ही पच्चीस साल पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर गवाहों ने अपनी बात रखनी शुरू की, वैसे ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।

दोनों तरफ से लगाए गए हमले के गंभीर आरोप

इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल ग्यारह लोग घायल हुए हैं। रामचंद्र गुर्जर पक्ष के लोगों का आरोप है कि मन्ना बंजारा, घासी, सोजी और उनके साथियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और फिर अचानक पत्थरों से हमला बोल दिया। इस हमले में रामचंद्र, उनके भाई रामप्रसाद, अंतरसिंह, उनके पिता फूलसिंह और रिश्तेदार देवलाल घायल हो गए, जिनके सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं।

दूसरी तरफ, प्रताप बंजारा पक्ष का कहना है कि जब पंचायत में आपसी सहमति नहीं बन सकी, तब गुर्जर पक्ष के लोगों ने कुल्हाड़ी की मूठ और पत्थरों से उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट में प्रताप बंजारा, बापूलाल और सोजीराम को चोटें आईं। बीच-बचाव करने आईं परिवार की दो महिलाएं ममता बाई और साबू बाई भी इस संघर्ष में घायल हो गईं।

पुलिस ने दर्ज की क्रॉस एफआईआर

घटना की जानकारी मिलते ही सानई चौकी पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने सभी घायलों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल भिजवाया। इस मामले में पुलिस ने रामचंद्र गुर्जर की शिकायत पर मन्ना बंजारा समेत सात लोगों के खिलाफ तथा प्रताप बंजारा की शिकायत पर फूलसिंह गुर्जर व उनके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है।