ग्वालियर-चंबल संभाग के गुना जिले में ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के डिलीवरी सिस्टम और रिफंड प्रक्रिया में खामियों का लाभ उठाकर दस करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। इस सुनियोजित फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने एक स्थानीय शिकायत के आधार पर गहराई से छानबीन शुरू की।
सस्ते मोबाइल का लालच देकर की गई शुरुआत
इस पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत गत 31 अगस्त को कैंट थाने में दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि शेखर मीना ने अमेजन ऐप के जरिए करीब पैंसठ हजार रुपए कीमत का वनप्लस मोबाइल महज पैंतालीस हजार रुपए में दिलाने का झांसा दिया था। आरोपी ने एडवांस के तौर पर बारह हजार रुपए ऐंठ लिए, लेकिन न तो मोबाइल दिया और न ही रकम वापस लौटाई।
पूछताछ में सामने आया करोड़ों का नेटवर्क
जब पुलिस ने शिकायती आवेदन की जांच करते हुए मुख्य आरोपी शेखर मीना को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अंजाम दिए जा रहे बड़े पैमाने पर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने कंपनी के डिलीवरी और रिफंड सिस्टम की तकनीकी कमजोरियों को समझकर इस नायाब तरीके से बड़ी रकम जुटाई है।
गुजरात के पते पर मंगवाता था महंगे फोन
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गुना की बजाय गुजरात के पते पर मोबाइल की डिलीवरी मंगवाता था। वह इस बात की जानकारी रखता था कि ब्लू डार्ट कंपनी के जरिए होने वाली डिलीवरी में अन्य माध्यमों की तुलना में थोड़ा अधिक समय लगता है। इसी अंतराल का लाभ उठाकर वह गुजरात में कई महंगे मोबाइल एक साथ बुक करता था और खुद वहां जाकर पार्सल रिसीव कर लेता था।
मुख्य आरोपी के तौर-तरीकों को देखकर उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के अन्य युवक भी इस धंधे में उतर आए और जामताड़ा की तर्ज पर ऑनलाइन ठगी का एक जाल बुन लिया। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए मुख्य आरोपी शेखर पुत्र भगतराम मीना (निवासी ग्राम विलौदा, थाना बमौरी) और तरुण शर्मा (निवासी साढ़ा कॉलोनी, राघौगढ़) को दो सितंबर को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कुल चौदह आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर आगे की तफ्तीश जारी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!