धौलपुर की कॉलोनियों में जानलेवा बना सीवर का जाल

धौलपुर शहर की लीला विहार और कृष्णा विहार कॉलोनियों के निवासी इन दिनों गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। यहां की मुख्य सड़कों पर सीवर लाइन के जाम होने के कारण जलभराव की समस्या विकराल हो गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सड़क के बीचों-बीच बना 10 से 15 फुट गहरा सीवर चैंबर खुला पड़ा है, जो जलभराव के कारण पूरी तरह पानी में छिपा रहता है। यह स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीवर लाइन लंबे समय से जाम है, जिसकी वजह से सड़क पर हर समय गंदा और बदबूदार पानी जमा रहता है। जलभराव के कारण राहगीरों को यह पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां खत्म हो रही है और गहरा गड्ढा कहां शुरू हो रहा है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया है।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ा खतरा

कॉलोनी निवासी अशोक कुमार बघेल ने बताया कि इस क्षेत्र में बच्चों और बुजुर्गों का निकलना दूभर हो गया है। जलभराव के कारण सड़क और सीवर चैंबर के बीच का अंतर मिट चुका है। यदि कोई बच्चा या बुजुर्ग अनजाने में इस खुले चैंबर में गिर जाए, तो परिणाम घातक हो सकते हैं। बारिश के मौसम में जलभराव की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी जोखिम से खाली नहीं है।

स्कूल जाने वाले बच्चे रोजाना इस गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इससे न केवल उनकी यूनिफॉर्म खराब हो रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। अभिभावक अब अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर महसूस करने लगे हैं।

बीमारियों का गढ़ बन रहा जलभराव

लगातार भरे रहने वाले गंदे पानी के कारण आसपास का वातावरण पूरी तरह दूषित हो गया है। जलभराव वाली जगहों पर मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। बदबू के कारण लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या की शिकायत कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गंदगी और जलभराव के कारण क्षेत्र में संक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग

लीला विहार और कृष्णा विहार के निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि सीवर लाइन की सफाई प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए और खुले पड़े सीवर चैंबरों पर तुरंत मजबूत ढक्कन लगाए जाने चाहिए ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके।

निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। स्थानीय लोग अब जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।