इंदरगढ़ के रहने वाले 53 वर्षीय बालकिशन कुशवाह को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते जिला अस्पताल से भोपाल एम्स भेजा गया है। उनके फेफड़ों में भारी संक्रमण और सांस लीक होने की दिक्कत बनी हुई है, जिसके कारण उन्हें तुरंत चेस्ट सर्जरी की आवश्यकता है।

इलाज के दौरान बनी संक्रमण की स्थिति

बालकिशन को बीते 22 सितंबर को फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत पर जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों द्वारा पानी निकालने के लिए आईसीटीडी ट्यूब डाली गई थी, जिसके उपचार के दौरान फेफड़े में घाव बनने से हवा लीक होने की समस्या उत्पन्न हो गई।

मरीज को सांस लेने में लगातार भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा था। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के अनुसार इस जटिल स्थिति में विशेष चेस्ट सर्जन की जरूरत है, जो जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। इसी को देखते हुए मरीज को उच्चस्तरीय चिकित्सा के लिए भोपाल एम्स रेफर करने का निर्णय लिया गया।

बुधवार को अनुमति न मिलने से लौटना पड़ा था

इससे पहले बुधवार को एयर एम्बुलेंस अस्पताल परिसर पहुंची थी और मरीज को एयरपोर्ट तक ले जाया गया था। हालांकि, भोपाल एटीसी से लैंडिंग और टेकऑफ की क्लीयरेंस न मिलने के कारण विमान उड़ान नहीं भर सका था।

सिविल सर्जन डॉ. केसी राठौर ने बताया कि अनुमति न मिलने पर मरीज को वापस सुरक्षित अस्पताल लाया गया था। आईसीयू में रखकर उनकी स्थिति को स्थिर बनाए रखा गया, ताकि अगली उड़ान के लिए स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।

गुरुवार को मिली एयर ट्रैफिक कंट्रोल की मंजूरी

गुरुवार को भोपाल एटीसी से हरी झंडी मिलने के बाद बालकिशन कुशवाह को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से भोपाल एम्स के लिए रवाना किया गया। डॉक्टरों की देखरेख में उन्हें वहां बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।

गौरतलब है कि दतिया जिला अस्पताल से एयर एम्बुलेंस के जरिए भोपाल भेजे जाने वाले वे दूसरे मरीज हैं। इससे पूर्व गत 21 फरवरी को भी एक 4 साल के बच्चे को इसी प्रकार एयरलिफ्ट करके भोपाल भेजा जा चुका है।