दतिया शहर में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। काम ठप होने के कारण शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख मार्गों पर कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं। इस समय नवरात्रि का पर्व चल रहा है, जिसके चलते देवी पंडालों और मंदिरों के आसपास भी कचरा फैल गया है। इससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वार्ता के दौरान भड़के कर्मचारी, लगाए गंभीर आरोप
बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने और आंदोलनरत कर्मियों को मनाने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे प्रशांत ढेंगुला देर रात सफाई कर्मचारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर हड़ताल समाप्त करने की अपील की। इस बातचीत के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं का पिटारा खोल दिया और पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें नौकरी पर रखने के एवज में बिचौलियों और प्रबंधकों द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपए तक वसूले गए थे। इसके बावजूद उन्हें मेहनताना मात्र 6 हजार रुपए महीना ही दिया जा रहा है। हालांकि, इन गंभीर वित्तीय आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी से पुष्टि नहीं हो सकी है।
आठ घंटे काम और नियमितीकरण की मांग
विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का कहना है कि उनसे प्रतिदिन आठ घंटे कड़ा परिश्रम कराया जाता है, लेकिन इसके बदले न तो सम्मानजनक वेतन मिलता है और न ही उनकी नौकरी सुरक्षित है। उनका कहना है कि नगर पालिका में जितने भी रिक्त पद पड़े हैं, उन पर बाहरी ठेका प्रथा बंद कर पुराने कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
पालिका पक्ष स्पष्टीकरण, लेकिन समाधान नहीं निकला
दूसरी ओर, प्रशांत ढेंगुला ने सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठेके पर सौंपे जाने के दावों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका द्वारा केवल घर-घर जाकर कचरा कलेक्शन करने का कार्य ही ठेके पर दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस व्यवस्था से किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं छीनी जाएगी और न ही किसी को हटाया जा रहा है। इसके बावजूद कर्मचारी अपनी जिद पर कायम हैं कि पहले उन्हें नियमित किया जाए और उसके बाद ही कोई अन्य व्यवस्था लागू हो।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!