दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह के नाम पर लगभग सहमति बना ली है। पार्टी नेतृत्व की ओर से उनके नाम को हरी झंडी मिल गई है और उम्मीद है कि जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। घनश्याम सिंह दतिया राजघराने से ताल्लुक रखते हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी ने क्या कहा?

दैनिक भास्कर से बातचीत में घनश्याम सिंह ने बताया कि उन्हें प्रदेश कांग्रेस की ओर से सूचित किया गया है कि उनका नाम प्रत्याशी के तौर पर तय हो गया है और उन्हें चुनाव लड़ना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी तैयारी कर ली है और जल्द ही पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

घनश्याम सिंह ने आगे कहा कि उनकी रणनीति विकास की राजनीति को बढ़ावा देने और सभी समाजों में सद्भावना स्थापित करने की होगी। उन्होंने कहा कि पुरानी राजनीति को बहाल किया जाना चाहिए और जनता से किए गए वादों को पूरा किया जाएगा।

भाजपा से होगा सीधा मुकाबला

इस उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में अब कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी घनश्याम सिंह और भाजपा के आशुतोष तिवारी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।

घनश्याम सिंह ने आजाद समाज पार्टी के शक्ति प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसमें शामिल अधिकतर लोग दूसरे जिलों से आए थे और यह स्थानीय राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं था। उन्होंने विश्वास जताया कि मुकाबला केवल कांग्रेस और भाजपा के बीच ही रहेगा, क्योंकि जनता समझ चुकी है कि अन्य पार्टियां केवल वोट काटने और भाजपा को जिताने के लिए मैदान में उतरती हैं।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि स्थानीय उम्मीदवार को लेकर जनता में चर्चा होनी चाहिए और जाति या धर्म आधारित राजनीति को खत्म कर विकास की राजनीति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

कार्यकर्ताओं में उत्साह

हालांकि कांग्रेस हाईकमान की ओर से अभी तक उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दतिया किले में कांग्रेस के करीब 500 कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और वे आतिशबाजी के साथ जश्न मनाने की तैयारी में हैं।