दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक, जिन्हें टिकट नहीं मिला था, आखिरकार सात दिनों के बाद पार्टी के प्रचार अभियान में शामिल हो गए हैं। 2023 के विधानसभा चुनावों में भी टिकट से वंचित रहने के बाद वे घर पर ही रहे थे और चुनाव प्रचार से दूर थे।
नायक की नाराजगी की भनक लगते ही भाजपा ने उन्हें अपनी ओर खींचने की कोशिशें तेज कर दी थीं। कांग्रेस के नेता भी उन्हें मनाने में जुटे हुए थे। इस बात की भी चर्चा थी कि वे भाजपा में वापसी कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने शनिवार को इन अटकलों पर विराम लगा दिया।
कांग्रेस में वापसी का कारण
पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के साथ मतभेदों के चलते अवधेश नायक ने 2023 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। 11 जुलाई को दतिया विधानसभा के लिए कांग्रेस द्वारा घनश्याम सिंह का टिकट फाइनल होते ही नायक नाराज होकर प्रचार से अलग हो गए थे।
इसकी वजह यह थी कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहले नायक को टिकट दिया था, लेकिन बाद में इसे बदलकर राजेंद्र भारती को दे दिया गया था। हाल ही में एक चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्वीकार किया था कि उन्होंने ही नायक का टिकट कटवाया था।
भाजपा की नई रणनीति
भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने शनिवार को नगर और सीतापुर मंडल के अध्यक्षों के साथ एक बैठक की, जिसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को अगले 10 दिनों तक पूरी निष्ठा से चुनाव अभियान में जुटने की सलाह दी।
मतदान में अब केवल 12 दिन शेष हैं, लेकिन भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का जनसंपर्क अभी तक हर घर तक नहीं पहुंच पाया है। इस कमी को पूरा करने के लिए भाजपा ने अब एक नई योजना तैयार की है। इसके तहत, अब हर मोहल्ले में चौपाल आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!