दतिया शहर में भैरव मंदिर के पीछे स्थित खाली मैदान को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने इस जमीन की साफ-सफाई कराई थी और यहां से पुरानी गुमटियों को हटवाया गया था, ताकि सड़क किनारे लगने वाले ठेलों को यहां शिफ्ट किया जा सके।

सड़क पर बढ़ता ट्रैफिक और अतिक्रमण की समस्या

शहर में शाम के समय ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है। सड़क के दोनों ओर फल, सब्जी और चाट-फास्ट फूड के ठेले खड़े होने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है। इसी समस्या का हल निकालने के लिए ट्रैफिक प्रभारी हिमांशु तिवारी ने पहल करते हुए भैरव मंदिर के पीछे की इस खाली जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया था।

पार्क और जनपद कार्यालय का पुराना इतिहास

यह खाली जमीन कभी पुराना जनपद कार्यालय हुआ करती थी, जिसके सिविल लाइन शिफ्ट होने के बाद यह इलाका वीरान हो गया था। वर्ष 2020 में जनसहयोग और प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से यहां एक पार्क विकसित किया गया था, जहां कई पौधे भी रोपे गए थे। हालांकि बाद में रखवाव के अभाव और सड़क निर्माण के नाम पर यह जगह फिर से कबाड़खाने और कचरा घर में तब्दील हो गई थी।

नपाध्यक्ष पुत्र का दावा- कराएंगे पौधरोपण

जब ट्रैफिक पुलिस ने इस जगह पर ठेले लगवाने की तैयारी शुरू की, तो नपाध्यक्ष पुत्र ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि इस स्थान पर वेंडर्स को अनुमति नहीं दी जाएगी और अगले महीने यहां लगभग 5.5 लाख रुपये की लागत से पौधरोपण कराकर नया पार्क विकसित किया जाएगा।

भैरव मंदिर के पीछे खाली जमीन पर हम पार्क बनाएंगे। वहां पर ठेले व सब्जी विक्रेताओं को बैठने की स्वीकृति नहीं दी जा सकती है। मंदिर के पास से जो सड़क निर्माण होना है, इस जगह पर ठेले लगाएं या सब्जी वालों को बैठाएं, कोई दिक्कत नहीं है। - प्रशांत ढेंगुला, नपा अध्यक्ष पुत्र