दतिया जिले के भांडेर फीडर के अंतर्गत आने वाले आधा दर्जन गांवों में बिजली संकट गंभीर रूप से गहरा गया है। इस समस्या से त्रस्त होकर ग्रामीण सोमवार दोपहर को विद्युत विभाग के डीई के पास पहुंचे और कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

एक घंटे भी नहीं मिल रही बिजली

ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें दिनभर में एक घंटे के लिए भी लगातार बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसी फीडर से बेरछ क्षेत्र का भार भी जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से लाइन पर अतिरिक्त लोड आ जाता है और बार-बार बिजली काट दी जाती है। इस अघोषित कटौती से किसानों की फसलों की सिंचाई और आम लोगों की दैनिक जरूरतें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

फीडर की तकनीकी जांच की मांग

इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व जिलाध्यक्ष रामकिंकर गुर्जर और जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर गुर्जर सहित कई ग्रामीण शामिल रहे, जिन्होंने डीई के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि भांडेर फीडर की तकनीकी जांच कराई जाए और उस पर पड़ रहे वास्तविक लोड का परीक्षण किया जाए।

कृषि और आबादी की लाइनें अलग करने का अनुरोध

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कृषि और आबादी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को अलग-अलग करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। इसके साथ ही गांवों में जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, बिजली लाइनों की क्षमता बढ़ाने और संबंधित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर जल्द रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध भी किया गया है।

ज्ञापन के अंत में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक गांवों में नियमित और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।