ग्वालियर-चंबल आंचल के दतिया जिले में करीब डेढ़ साल पहले सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिगना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कान्हर में कल्याण प्रजापति की हत्या के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार दिया।

पुलिया के नीचे मिला था लहूलुहान शव

यह पूरी घटना 8 अप्रैल 2025 की सुबह की है, जब कान्हर-हतलई मार्ग पर स्थित एक पुलिया के पास कल्याण प्रजापति का शव बरामद किया गया था। मृतक के शरीर पर गंभीर घाव के निशान थे, जिसमें जबड़े के नीचे, सिर और कान के पास चोटें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थीं।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सुनियोजित तरीके से हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को पुलिया के नीचे फेंक दिया है।

पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य

सूचना मिलते ही जिगना थाना पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए घटनास्थल का मुआयना किया और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस टीम ने मौके से खून से सनी मिट्टी, एक साफी, बाल और मृतक की चप्पल सहित अन्य महत्वपूर्ण सबूत अपने कब्जे में लिए थे।

तुकड़ियां बनाकर की गई छानबीन के बाद पुलिस ने इस मामले में विशाल प्रजापति (25) के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांच पड़ताल मुकम्मल होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया, जिसके बाद विचारण प्रक्रिया शुरू हुई।

अदालत का फैसला और सजा

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्र की अदालत में मामले की नियमित सुनवाई चली। इस दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से लोक अभियोजक मनोज सिंह चौहान ने पुख्ता सबूत और मजबूत तर्क अदालत के सामने रखे।

दौरान-ए-सुनवाई पेश किए गए तमाम गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने विशाल प्रजापति को कल्याण प्रजापति की हत्या का दोषी माना। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही आर्थिक दंड से भी दंडित किया।