ग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में इन दिनों रामलीला के मंचन के दौरान धार्मिक उल्लास का माहौल बना हुआ है। इसी कड़ी में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की विवाह बारात अत्यंत धूमधाम के साथ निकाली गई। इस दौरान घोड़ों पर सवार चारों राजकुमारों के स्वरूपों के दर्शन करने के लिए शहरभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

किला चौक से आरंभ हुआ शोभायात्रा का मार्ग

यह भव्य बारात ऐतिहासिक किला चौक से प्रारंभ हुई। इसके बाद यात्रा दारुगर की पुलिया, बिहारी जी मार्ग, गांधी मार्ग, टाउनहॉल, बड़ा बाजार और पटवा तिराहे से होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ी। मार्ग के दोनों तरफ स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ जुटी रही। लोगों ने अपने घरों की छतों और बालकनियों से बारात पर पुष्पवर्षा की। डीजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालु थिरकते हुए नजर आए।

शिव धनुष भंग होने के बाद सजा वैवाहिक प्रसंग

आयोजकों के अनुसार, रामलीला मंच पर बीते दिन भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष खंडित किए जाने की लीला का मंचन किया गया था। इस प्रसंग के उपरांत राजा जनक ने राजा दशरथ को विवाह का संदेश भेजा। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए श्रीराम-सीता, लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतिकीर्ति के पावन विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं।

पांव पखराई और पारंपरिक गीतों से गूंजा परिसर

बारात जब निर्धारित रामलीला मंच पर पहुंची, तो वहां फेरे, कन्यादान और कुँअर कलेऊ की रस्में पूरी कराई गईं। इस दौरान पांव पखराई की रस्म निभाने के लिए भक्तों में होड़ सी मच गई। स्थानीय महिलाओं ने बुंदेली परंपरा के अनुसार मंगल गीत गाए। 'बने दूल्हा छवि देखो भगवान की' और 'हरे बांस मंडप छाए' जैसे भजनों से पूरा आयोजन स्थल गूंज उठा। अंत में चारों राजकुमारों की विदाई का भावुक दृश्य मंचित किया गया।