दतिया जिले के इंदरगढ़ क्षेत्र में संचालित शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गड़बड़ी पकड़े जाने के एक दिन बाद बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।

रसोई में मिला कीड़ेयुक्त राशन

कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के सख्त निर्देशों के बाद फूड इंस्पेक्टर संगीता सक्सेना ने छात्रावास के भीतर पहुंचकर रसोई का मुआयना किया। इस दौरान टीम ने वहां रखे खाद्यान्न की बारीकी से जांच की, जिसमें आटा और चावल के अंदर कीड़े पनपे हुए पाए गए।

विभाग की टीम ने मौके पर ही मौजूद प्रबंधन के लोगों के सामने खराब सामग्री के सैंपल एकत्र किए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की औपचारिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

तहसीलदार के निरीक्षण में खुली थी पोल

इस पूरे मामले की सुगबुगाहट मंगलवार को उस वक्त शुरू हुई जब छात्रों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार दीपक यादव ने छात्रावास का औचक निरीक्षण किया था। जांच के समय हैरानी की बात यह रही कि परिसर में एक भी छात्र मौजूद नहीं था और छात्रावास अधीक्षक डीआर राहुल भी गायब मिले थे।

निरीक्षण के दौरान रसोई में रखा हुआ चावल और आटा बेहद दयनीय स्थिति में मिला। इसके अलावा आवासीय कमरों के अंदर पलंगों पर कुत्ते बैठे नजर आए और पूरे परिसर में भारी गंदगी फैली हुई थी।

चपरासी के खुलासे से सामने आई हकीकत

मौके पर मिले चपरासी ने पूछताछ के दौरान प्रशासनिक अमले को बताया कि गत 15 अगस्त के बाद से इस छात्रावास में भोजन पकाने का कार्य बंद है। भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं ठीक न होने के कारण छात्र अपने घरों को लौट जाते हैं।

तहसीलदार द्वारा यह पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी गई थी, जिसके बाद खाद्य विभाग हरकत में आया। अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी अमले के खिलाफ नियमनुसार अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।