दतिया शहर में मंगलवार को विजयादशमी के मौके पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला पूरे हर्षोल्लास के साथ पूरा हुआ। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, जो स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।
घाटों की ओर निकलीं शोभायात्राएं और श्रद्धालुओं का उत्साह
विभिन्न पूजा पंडालों से सजे-धजे वाहनों पर मां की प्रतिमाओं को विराजित कर नगर के शक्ति घाट, शाहपुर घाट और रपटा घाट की तरफ ले जाया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी भारी तादाद में भक्तजन पहुंचे थे।
युवाओं और श्रद्धालुओं ने हवा में रंग-गुलाल उड़ाकर अपनी खुशी का इजहार किया और भक्ति गीतों पर झूमते-गाते हुए वाहनों के आगे चल रहे थे। कई मार्गों पर मनमोहक झांकियां भी सजाई गई थीं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर सड़कों पर आ गए।
चिरगांव रोड की महाकाली प्रतिमा रही खास केंद्र
स्थानीय परंपरा के अनुसार इस बार भी चिरगांव रोड पर बाल्मीकि समाज द्वारा स्थापित महाकाली माता की प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का बिंदु बनी रही। परंपरा के तहत नगर में सबसे पहले इसी विसर्जन यात्रा को संपन्न किया गया।
इसी क्रम में रिंग रोड से उठी काली माता की विसर्जन यात्रा ने दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर प्रस्थान किया। निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए यह यात्रा दोपहर 3 बजकर 40 मिनट पर कटोरा ताल पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को विसर्जित किया गया।
सुरक्षा के कड़े प्रबंध और पड़ोसी राज्य के भक्तों की भागीदारी
विसर्जन स्थलों पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, साथ ही किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों की तैनाती भी की गई थी।
इस धार्मिक आयोजन में मध्य प्रदेश के स्थानीय लोगों के अलावा उत्तर प्रदेश से आए हुए श्रद्धालुओं ने भी बड़े उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे पूरे नगर में दिनभर भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!