वर्दी को कहा अलविदा, बटालियन में हुआ विदाई समारोह
दतिया स्थित 29वीं बटालियन विशेष सशस्त्र बल में लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले दो सहायक उप निरीक्षकों का सेवानिवृत्ति कार्यक्रम बुधवार को आयोजित किया गया। इस विशेष विदाई समारोह में बटालियन के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने दोनों अफसरों के सेवाकाल के योगदान को याद किया और उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।
अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया सम्मानित
वाहिनी के ऑडिटोरियम हॉल में रखे गए इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक एवं सेनानी मयूर खण्डेलवाल शामिल हुए। उनके साथ विशिष्ट अतिथि उप सेनानी राकेश खाखा और सहायक सेनानी जीतेन्द्र नगाइच भी मंच पर मौजूद रहे। 62 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सहायक उप निरीक्षक कोमल सिंह यादव और सहायक उप निरीक्षक मुमताज खान को इस अवसर पर शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
परिवार और समाज को समय देने की सलाह
समारोह को संबोधित करते हुए सेनानी मयूर खण्डेलवाल ने कहा कि एक कर्मचारी अपने जीवन का सबसे अहम वक्त शासकीय सेवा में समर्पित करता है। सेवानिवृत्ति को नौकरी का अंत नहीं बल्कि जीवन की दूसरी पारी की शुरुआत माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब इन अधिकारियों को अपने परिवार, समाज और अपनी पसंद के कार्यों को वक्त देना चाहिए।
परिजनों से की गई विशेष देखभाल की अपील
पुलिस अधीक्षक ने सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजनों से अपील करते हुए कहा कि जिन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा विभाग और सेवा को दिया, अब परिवार की जिम्मेदारी है कि उनकी खुशियों और सम्मान का पूरा ख्याल रखे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 29वीं वाहिनी परिवार की तरह हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी और हरसंभव मदद की जाएगी।
अनुभव साझा कर दी अनुशासन की सीख
कार्यक्रम के अंत में सहायक उप निरीक्षक कोमल सिंह यादव और मुमताज खान ने अपने लंबे सेवाकाल के संस्मरण साझा किए। उन्होंने बटालियन के अन्य साथियों को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की सीख दी। इस दौरान वाहिनी के तमाम अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन उपस्थित रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!