ग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में आज पितृ मोक्ष अमावस्या का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना करते हुए विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण किया।
प्रमुख जलाशयों पर सुबह से लगी भीड़
अमावस्या के पावन दिन पर सुबह तड़के से ही स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का स्थानीय जल स्रोतों की ओर रुख करना शुरू हो गया था। दतिया शहर के प्रसिद्ध करण सागर तालाब और लाला का तालाब पर भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने अपने पितरों के निमित्त अनुष्ठान संपन्न किए।
पहुंच नदी और सन कुआं धाम पर भी हुए अनुष्ठान
केवल शहरी इलाकों तक ही यह आयोजन सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी अनुष्ठान हुए। उनाव क्षेत्र में स्थित पहुंच नदी के तट पर और सेवढ़ा के ऐतिहासिक सन कुआं धाम पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच अपने पूर्वजों को जल अर्पित किया।
विद्वान पंडितों द्वारा निर्धारित धार्मिक विधान के अनुसार तर्पण की प्रक्रिया पूरी कराई गई। श्रद्धालुओं ने पूरे भाव के साथ अपने पितरों को याद किया और उनकी सद्गति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
पितृ पक्ष का हुआ समापन
ज्ञात हो कि पितृ मोक्ष अमावस्या के साथ ही सोलह दिनों तक चलने वाले पितृ पक्ष का आज विधिवत समापन हो गया है। हिंदू सनातन परंपरा में इस अंतिम तिथि का अत्यधिक महत्व माना गया है।
ऐसी गहरी मान्यता है कि इस अंतिम दिन विधिपूर्वक तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करने से पूर्वज तृप्त होते हैं और उनका आशीर्वाद अपने परिजनों पर सदैव बना रहता है। इसी अटूट आस्था के सहारे आज दतिया जिले भर में लोगों ने अपने पितरों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!