शासकीय महाविद्यालय में मनाया गया 58वां एनएसएस स्थापना दिवस

इंदरगढ़ के शासकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना यानी एनएसएस का 58वां स्थापना दिवस और सेवा संकल्प कार्यक्रम पूरी ऊर्जा के साथ आयोजित किया गया। इस विशेष आयोजन की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. निलय गोस्वामी ने की, जिसमें छात्र-छात्राओं और एनएसएस स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई।

रंगोली कला के जरिए उकेरे गए सामाजिक जागरूकता के संदेश

कार्यक्रम की श्रृंखला में महाविद्यालय परिसर में रंगोली प्रतियोगिता जैसी रचनात्मक गतिविधियां हुईं। विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से एनएसएस के आधिकारिक लोगो, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता और सेवा भाव से जुड़े सुंदर संदेशों को जमीन पर उतारा। छात्र-छात्राओं की इन कलाकृतियों ने वहां मौजूद हर शख्स का ध्यान अपनी ओर खींचा और कॉलेज के स्टाफ ने युवाओं की इस प्रतिभा की जमकर प्रशंसा की।

प्राचार्य ने बताया 'मैं नहीं, आप' मंत्र का वास्तविक अर्थ

मुख्य वक्ता के तौर पर अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. निलय गोस्वामी ने एनएसएस के गौरवशाली इतिहास और इसके उद्देश्यों पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्वयंसेवकों को 'मैं नहीं, आप' जैसे मूल मंत्र का महत्व समझाते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के भीतर समाज के प्रति जवाबदेही और सेवा का भाव पैदा करती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में निखार लाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की सोच को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक हित के कार्यों में भी आगे आएं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शबाना बानो द्वारा किया गया। इस अवसर पर एनएसएस अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार मौर्य के अलावा टेकचंद भारद्वाज, अर्जित चतुर्वेदी, डॉ. सरिता सिंह चौहान, डॉ. सचिन गौरी, सौरभ सैनी, रोहित कुशवाह, दुष्यन्त कर्ण, मनोज रायकवार, बंटी बघेल और नीरज कर्ण समेत पूरा महाविद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।