दतिया कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने एक-एक कर सभी की फरियाद सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

वेतन न मिलने से आउटसोर्स कर्मियों में नाराजगी

नगर पालिका के अंतर्गत नो-पार्किंग क्षेत्रों से गाड़ियां उठाने का काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी जनसुनवाई में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। कर्मियों ने शिकायत की कि उन्हें पिछले तीन महीनों यानी जून, जुलाई और अगस्त का वेतन अभी तक नहीं दिया गया है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कलेक्टर से हस्तक्षेप कर रुका हुआ मानदेय जल्द दिलवाने की मांग की।

गौशाला संचालन में गड़बड़ियों के आरोप

मरगढ़ा पंचायत के अंतर्गत आने वाले चिमघन गांव के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों और गौशाला संचालन में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला की कुल क्षमता 100 मवेशियों की है, लेकिन मौके पर केवल 40 गाय ही मौजूद हैं। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर पूरी क्षमता यानी 100 मवेशियों के नाम पर दाना और चारे की राशि निकाली जा रही है।

ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि उनके आसपास के क्षेत्र में कुल चार गौशालाएं संचालित की जानी थीं, जिनमें से तीन बंद पड़ी हैं। इस वजह से किसानों को अपने बेसहारा पशुओं को संभालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सभी संबंधित गौशालाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

राजस्व रिकॉर्ड और नामांतरण के मामले भी आए सामने

जनसुनवाई के दौरान भागोर के एक बुजुर्ग किसान ने शिकायत दर्ज कराई कि कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बावजूद राजस्व दस्तावेजों में सुधार नहीं किया गया है। वहीं, दो बहनों ने अपने पिता की संपत्ति के नामांतरण में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किए जाने का आरोप लगाया और अपने हिस्से की जमीन का नामांतरण जल्द कराने की गुहार लगाई।

इसके अलावा, कार्यक्रम में दिव्यांग जनों की पेंशन शुरू करवाने और राशन पात्रता पर्ची में परिवार के छूटे हुए सदस्यों के नाम जुड़वाने के लिए भी कई आवेदन प्राप्त हुए।

नाला निर्माण की समस्या और खेल मैदान की मांग

चिमघन गांव के लोगों ने नाले के गलत निर्माण से पूरे इलाके में कीचड़ फैलने की समस्या से भी अवगत कराया। उन्होंने सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों की जांच कराने के साथ ही गांव के बच्चों के लिए खेल मैदान और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन वास्ते भूमि आरक्षित करने की मांग रखी।

कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने जनसुनवाई में आई सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मामलों की तथ्यात्मक जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।