दतिया जिले में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर सख्ती देखने को मिल रही है। हाल ही में समय सीमा (टीएल) बैठक के दौरान कलेक्टर के साथ हुए विवाद के बाद भांडेर स्थानांतरित किए गए तहसीलदार अमित दुबे को उनका सरकारी आवास खाली करने का आधिकारिक नोटिस थमाया गया है।
लोक परिसर अधिनियम के तहत जारी हुए निर्देश
स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, दतिया के एसडीएम न्यायालय द्वारा लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत यह कार्रवाई की जा रही है। सिविल लाइन क्षेत्र के पंचशील नगर स्थित एफ-78 सरकारी आवास वर्तमान में तहसीलदार अमित दुबे के पास था, जिसे अब खाली करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि कुछ समय पूर्व आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और तहसीलदार अमित दुबे के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और विवाद हो गया था। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुबे का तबादला भांडेर कर दिया था और उन्हें वहां कार्यपालिक दंडाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
दूसरे अधिकारी को हो चुका है मकान आवंटित
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पंचशील नगर स्थित उक्त एफ-78 आवास को अब कलेक्टर कार्यालय के आदेश के तहत नायब तहसीलदार समीक्षा गुर्जर के नाम पर आवंटित किया जा चुका है। नए अधिकारी को मकान का आधिपत्य मिलने में बाधा न आए, इसलिए पुराने occupants को नोटिस देकर जल्द से जल्द परिसर खाली करने को कहा गया है।
इसी तरह का एक अन्य मामला भी सामने आया है, जो सिविल लाइन स्थित शासकीय हाईस्कूल के समीप बने एफ-1 आवास से जुड़ा हुआ है। यह सरकारी मकान कलेक्टर के आदेशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के लिए तय किया गया है, लेकिन इसके बावजूद इस बंगले में शासकीय माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका रजनी मुखरैया निवास कर रही हैं।
चार सितंबर को होगी सुनवाई, चस्पा किया जाएगा नोटिस
शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने शिक्षिका रजनी मुखरैया को भी बेदखली का औपचारिक नोटिस जारी किया है। इन दोनों ही मामलों में एसडीएम न्यायालय द्वारा आगामी चार सितंबर की तारीख सुनवाई के लिए निर्धारित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय अवधि के भीतर यदि आवास खाली नहीं किए जाते हैं, तो नियमों के तहत पुलिस बल का उपयोग करके जबरन बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अमले ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि संबंधित लोगों ने नोटिस स्वीकार करने से मना किया, तो आदेश की प्रति को उनके आवास के मुख्य दरवाजे पर चस्पा कर दिया जाएगा। दोनों ही सरकारी आवासों को लेकर शुरू हुई इस प्रक्रिया से स्थानीय प्रशासनिक हलकों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!