दतिया नगर पालिका परिषद के स्थानीय पार्षदों ने निकाय के प्रशासनिक कामकाज और चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा किए जाने की मांग को लेकर आवाज उठाई है। पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर पालिका कार्यालय पहुंचा और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन वहां के सफाई प्रभारी अनुपम पाठक को सौंपा।

विशेष बैठक बुलाए जाने का आग्रह

दिए गए ज्ञापन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 57 के प्रावधानों का हवाला देते हुए परिषद की एक विशेष बैठक शीघ्र आहुत करने की मांग रखी है। पार्षदों का तर्क है कि शहरहित से जुड़े कई जरूरी मसलों पर सदन में विस्तार से चर्चा होना और ठोस निर्णय लिया जाना बेहद आवश्यक हो गया है।

नियमों का हवाला देते हुए पार्षदों की तरफ से बताया गया कि इस प्रकार की विशेष बैठक बुलाए जाने के वास्ते निर्वाचित पार्षदों में से कम से कम एक-तिहाई सदस्यों द्वारा लिखित रूप में अनुरोध प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होता है, जिसे इस मामले में पूरा किया गया है।

निर्माण कार्यों और विभागों की होगी समीक्षा

पार्षदों की ओर से उठाई गई इस मांग में नगर पालिका अधिनियम की धारा 78 के अंतर्गत नामांतरण के अधिकारों के प्रत्यायोजन का मुद्दा भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, शहर भर में वर्तमान में जारी तमाम निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता के साथ-साथ विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की भी उच्च स्तरीय समीक्षा किए जाने की बात प्रमुखता से रखी गई है।

ज्ञापन में यह भी अनुरोध किया गया है कि इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं के अलावा परिषद के सामने आने वाले अन्य जरूरी विषयों को भी आगामी बैठक की कार्यसूची में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।

तय समय-सीमा में सूचना देने की मांग

ज्ञापन सौंपने वाले पार्षदों ने मांग की है कि अधिनियम की धारा 57 के नियमों के मुताबिक एक निश्चित समय-सीमा के भीतर विशेष बैठक की तिथि, समय और स्थान निर्धारित किया जाए तथा इसकी विधिवत सूचना सभी निर्वाचित पार्षदों को समय पर दी जाए। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से पार्षद बृजेश यादव और प्रीति शुक्ला सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।