दतिया जिले के भांडेर तहसील के अंतर्गत आने वाले उड़ीना गांव में भोजन करने के बाद लगभग एक हजार लोगों के स्वास्थ्य खराब होने का मामला सामने आया है। यह घटना 15 अक्टूबर की है, जब गांव में एक त्रयोदशी का आयोजन किया गया था।

शोक कार्यक्रम में परोसे गए थे रसगुल्ले

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के रहने वाले तिलक सिंह यादव के बुजुर्ग पिता एदल सिंह पटेल का कुछ समय पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके निधन के उपलक्ष्य में 15 अक्टूबर को त्रयोदशी का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए थे।

इस भोज में शामिल होने वाले लोगों ने भोजन के साथ रसगुल्ले भी खाए थे। रसगुल्ले खाने के कुछ देर बाद ही ग्रामीणों को पेट में तेज दर्द, सिरदर्द और उल्टी जैसी समस्याएं होने लगीं, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

खराब खोये से फूड पॉइजनिंग की आशंका

प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि रसगुल्ले बनाने में इस्तेमाल किया गया खोया खराब हो चुका था, जिसके कारण लोगों को फूड पॉइजनिंग का शिकार होना पड़ा। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल के अलावा इंदरगढ़ और भांडेर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप, स्थिति नियंत्रण में

घटना की जानकारी मिलते ही हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार दोपहर उड़ीना गांव में ही एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। डॉक्टरों की टीम ने गांव में मौजूद बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयां दीं।

भांडेर के बीएमओ डॉ. जयंत यादव ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीणों को मुख्य रूप से उल्टी और पेट दर्द की शिकायत थी। शिविर में सभी का समय पर उपचार किया गया है। जांच के दौरान किसी भी मरीज में गंभीर लक्षण नहीं मिले हैं और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।