दतिया में सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर वाहन चालकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही यात्रियों की जान पर भारी पड़ रही है। झांसी की ओर से आने वाली यात्री बसें और अन्य वाहन बस स्टैंड पहुंचने के लिए तय दूरी से बचने के वास्ते गलत दिशा में वाहन दौड़ा रहे हैं। डगरई टोल प्लाजा से लेकर कलापुरम तक का यह सफर यात्रियों के लिए किसी खतरे से खाली नहीं है।
कट बंद होने से बढ़ी परेशानी और रॉन्ग साइड का चलन
करीब एक साल पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने कलापुरम और हड़ापहाड़ के पास बने कट को पत्थरों से बंद कर दिया था। इसके बाद से डगरई टोल प्लाजा और कलापुरम के बीच डेढ़ किलोमीटर के दायरे में केवल एक ही कट बचा है जो टोल प्लाजा के पास है। इसी वजह से झांसी की तरफ से आने वाले वाहन और शहर से न्यायालय जाने वाले लोग मजबूरी या शॉर्टकट के फेर में रॉन्ग साइड चलने को विवश हो रहे हैं।
यात्रियों के विरोध के बावजूद नहीं पसीजते चालकों के दिल
रॉन्ग साइड दौड़ती इन बसों में बैठे यात्री कई बार अपनी जान का हवाला देकर विरोध भी दर्ज कराते हैं। बस के भीतर चीख-पुकार मचने और वीडियो बनाए जाने के बावजूद बस चालकों और परिचालकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। हाल ही में रविवार शाम को भी झांसी से दतिया आ रही एक बस को गलत दिशा में डेढ़ किलोमीटर तक लाया गया, जबकि यात्री लगातार शोर मचाते रहे।
एक साल में 10 हादसे, जा चुकी है एक की जान
गलत दिशा में चलने वाले इन वाहनों की वजह से न्यू बायपास तिराहे और जिला न्यायालय के सामने स्थित अंधे मोड़ पर दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पूर्व में यहां छिटपुट घटनाएं होती थीं, लेकिन पिछले एक साल के भीतर छोटी-बड़ी 10 दुर्घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। एक मामले में तो ओरछा से लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की भिड़ंत में ट्रैक्टर के बोनट पर बैठे युवक की नीचे गिरने से मौत भी हो गई थी।
हालात यह हैं कि जिला न्यायालय के सामने कट बनवाने के लिए वकीलों ने न सिर्फ ज्ञापन सौंपा है बल्कि न्यायालय में याचिका भी दायर की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी स्वाति पाठक का कहना है कि यदि यात्री बसें रॉन्ग साइड आ रही हैं तो टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!